जितना लंबा होगा फास्ट, बॉडी को उतनी अधिक मिलेगी ऊर्जा

जितना लंबा होगा फास्ट, बॉडी को उतनी अधिक मिलेगी ऊर्जा
International No Diet Day

Jyoti Gupta | Publish: May, 08 2019 03:37:14 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

इंटरनेशनल नो डाइट डे: एक दिन के लिए करे नो डाइट, बॉडी से विषैले तत्वों को दूर करने की मिलेगी क्षमता

सतना. फास्ट रहना हर किसी के वश की बात नहीं है। फास्ट का मतलब कि उस अंतराल में नो डाइट। जैसे ही युवाओं से फास्ट रखने के लिए कहा जाता है वह भौहें सिकोड़ लेते हैं। या फिर फास्ट के दौरान कुछ न कुछ खा लेते हैं। जबकि यह गलत है। पर क्या आपको पता है कि आपका फास्ट रखना कितना जरूरी है। शायद आज की युवा पीढ़ी फास्ट रखने से हमेशा बचती है। पर वर्षो से हमारे यहां फास्ट रखा जाता रहा है, लोग इसे धर्म से जोड़ कर देखते हैं। पर धर्म के अलावा फास्ट का साइंस में भी बढ़ा महत्व है। जिला अस्पताल के डाइट एक्सपर्ट जेएस तिवारी कहते हैं कि हर इंसान को फास्ट जरूर रखना चाहिए। भले ही फास्ट साल में एक या फिर 12 बार रखा जाए। खासतौर पर बीमार होने के बाद उपवास को सबसे अच्छा इलाज माना गया है। सालों पुरानी पद्यति आयुर्वेद में बीमारी को दूर करने के लिए शरीर के विषैले तत्वों को दूर करने की बात कही जाती है और फास्ट करने से इन्हें शरीर से निकाला जा सकता है। इसीलिए फास्ट को सर्वश्रेष्ठ औषधि माना गया है। नेशनल नो डाइट डे जाने कि क्यों फास्ट रखना जरूरी है। इससे बॉडी को क्या क्या फायदे होते हैं।

आत्मविश्वास को जगाने में मददगार

फास्ट आर्थराइटिस, अस्थमा, उच्च रक्तचाप, हमेशा बनी रहने वाली थकान, कोलाइटिस, स्पास्टिक कोलन, इरिटेबल बॉवेल, लकवे के कई प्रकारों के साथ- साथ न्यूराल्जिया, न्यूरोसिस और कई तरह की मानसिक बीमारियों में फ ायदेमंद साबित होता है। उपवास करने वाले की श्वासोच्छवास विकार रहित होकर गहरा और बाधा रहित हो जाता है। इससे स्वाद ग्रहण करने वाली ग्रंथियां दोबारा सक्रिय होकर काम करने लगती हैं। फास्ट आपके आत्मविश्वास को इतना बढ़ा सकता है ताकि आप अपने शरीर और जीवन और क्षुधा पर अधिक नियंत्रण हासिल कर सकें।

फास्ट इस तरह से करता है काम

आपके शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकाल फेंकता है। शरीर में जमा विषैले तत्व श्लेष्मा, थूक, पसीना, उल्टियां, कभी-कभी दस्त के रूप में बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि जो लोग लंबे फास्ट तीन या सात दिन करते हैं। उनकी सांसों से दूसरे दिन ही बास आने लगती है। कई लोगों को उल्टियां आने लगती हैं, ये सब विषैले तत्वों के बाहर निकलने के लक्षण हैं। फैट सेल्स, आर्टरी में जमा वसा के थक्के, श्लेष्मा और यहां तक कि बरसों से जमा रखी हुई चिंताएं और भावनाएं भी बाहर निकल आती हैं।

इस तरह लें नो डाइट का संकल्प

नो डाइट करने का सबसे सुरक्षित तरीका है एक दिन के फास्ट से शुरुआत करना। बाद में इसे हफ्ते में एक दिन नियमित रूप से किया जा सकता है। आप शुरुआत में अन्न का त्याग कर सकते हैं। ताजी सब्जियों का रस, फ ल, पानी लें सकते हैं।

यह है नो डाइट के फायदे

- मानसिक स्पष्टता में वृद्धि होती है तथा मस्तिष्क का धुंधलका छंट जाता है।

- तत्काल एवं सुरक्षित तरीके से वजन घटता है।

- तंत्रिका तंत्र में संतुलन कायम होता है।

- ऊर्जा का स्तर बढऩे से संवेदी क्षमताओं में वृद्धि होती है।

- शरीर के सभी अवयवों में ऊर्जा का संचार होता है।

- सेल्युलर बायोकेमेस्ट्री में संतुलन कायम होता है।

- त्वचा संवेदनशीलए नर्म और रेशमी हो जाती है।

आपके हाथ- पैरों का संचालन सरलता से होने लगता है।

- पाचन तंत्र ठीक होकर सुचारु रूप से काम करने लगता है।

- आंतों में भोजन से रस सोखने की क्रिया में वृद्धि होती है।

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