जेल में बंद आरोपी निकले अंतरराज्यीय बदमाश, रिमांड में लेने के बाद पुलिस को बताई ये कहानी

अंतरराज्यीय चोर गिरोह निकले आरोपी, मप्र, यूपी, बिहार सहित छत्तीसगढ़ में दे चुके हैं दर्जनों लूट की घटनाओं को अंजाम

By: suresh mishra

Published: 12 Mar 2018, 05:44 PM IST

सीधी। शहर में बढ़ती लूट की वारदातें सीधी पुलिस के चुनौती बन चुकी थी। आए दिन लोगों के बैग में रखे रुपए छीनकर बदमाश बाइक से रफू-चक्कर हो जाते थे और पुलिस हाथ मलती रह जाती थी। फिर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीवद्ध किया।

कोतवाली पुलिस पड़ोसी जिलों की सीमाओं में जाल फैलाने के बाद गिरोह तक पहुंचने में सफल रही। गिरोह के पकड़े गए तीन आरोपियों ने सीधी शहर में हुई लूट की तीन घटनाओं को स्वीकारा है। इसके साथ ही लुटेरों ने बताया गया कि वे मप्र के साथ उप्र, बिहार व छत्तीसगढ में भी कई लूट कर चुके हैं।

ये है पूरा मामला
बताया गया कि सिंगरौली पुलिस ने लूट के अन्य मामलों में गिरफ्तार कर तीन आरोपियों को जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। जहां से आरोपियों को जिला जेल पचौर भेज दिया गया था। सीधी शहर में हो रही लूट के वारदातों पर पुलिस ने सक्रियता व्यक्त करते हुए पड़ोसी जिले सिंगरौली की पुलिस से संपर्क बनाया गया। जहां लूट के आरोपियों की जेल में बंद होने की जानकारी मिली। जिनको संदेह के आधार पर कोतवाली पुलिस पुलिस रिमांड पर आरोपियों को जेल से कोतवाली लाया गया। जहां पूछताछ शुरू की गई। पहले तो आरोपी लूट की वारदातों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुए, जब पुलिस के द्वारा कड़ाई दिखाई गई तो हकीकत बया कर दिए। जिसके आधार पर सीधी शहर में लूट की तीन घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया गया। जिस पर कोतवाली पुलिस के द्वारा तीनों आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा के तहत कार्रवाई की गई।

आरोपियों में ये शामिल
सीधी शहर में हुई लूट की तीन घटनाओं में 1.40 लाख रुपए आरोपियों के द्वारा लूटे गए हैं। इन आरोपियों में बिहार के कटियार जिला जुवारगंज थाना अंतर्गत निवासी लखन पिता अजीत यादव 22 वर्ष, जसपुर जिला पत्तल गांव निवासी उदय कुमार उर्फ राजकुमार नट पिता रामप्रसाद नट 36 वर्ष व रायगढ़ जिले के विजयनगर थाना अंतर्गत कटराजा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार पिता जगन्नाथ नट 35 वर्ष शामिल हैं।

इन लूट की घटनाओं को दिए अंजाम
गिरोह के सदस्यों ने सीधी शहर में तीन लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किए हैं। जिसमें 1 नवंबर 2017 को शिवाजी नगर निवासी शिवराज बहादुर सिंह से 20 हजार रुपए, सीधी निवासी भीमसेन द्विवेदी से एक लाख रुपए व यूनियन बैंक आफ इंडिया सीधी के सामने से हरिशंकर सोनी से 20 हजार रुपए छीनकर रफूचक्कर हो गए थे।

गिरोह के सदस्य बैंकों में करते थे रेकी
बताया गया है कि गिरोह के सदस्य बैंक से पैसा निकालने वालों की रेकी करते और उसके बाद घटना को अंजाम देते थे। जिस जिले में घटना को अंजाम देना होता है वहां ये सब फर्जी आधार कार्ड के दम पर मकान किराए पर लेते थे। गिरफ्तार लुटेरों ने पुलिस की पूछताछ में रीवा, सतना, कटनी, सीधी, सिंगरौली व सोनभद्र में दर्जनों लूटपाट की घटना को अंजाम देना कबूल किए है।

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