रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट में मृत युवक मामले की न्यायिक जांच शुरू

-रेलवे सुरक्षा बल ने भी शुरू की विभागीय जांच
-पोस्टमार्टम में लेटलतीफी
-परिजनों का हंगामा, आरपीएफ जवानों के विरुद्ध एफआईआर की मांग

By: Ajay Chaturvedi

Published: 11 Jun 2021, 05:15 PM IST

सतना. रेलवे सुरक्षा बल, सतना पोस्ट में दो दिन पहले हुई युवक की संदिग्ध मौत प्रकरण की विभागीय व न्यायिक जांच शुरू हो गई है। हालांकि युवक के परिजन लगातार आरपीएफ पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दोषियो के विरुद्ध एफआइआर की भी मांग की है।

बता दें कि रेलवे सुरक्षा बल की सतना पोस्ट में बुधवार दोपहर एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसी वक्त ये सूचना भी मिली कि युवक ने फांसी लगाई है। देररात सतना पहुंचे मृतक के परिजनों ने युवक की मौत के लिए आरपीएफ जवानों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि आरपीएफ जवानों की पिटाई से उसकी मौत हुई है। उधर इस पूरे घटनाक्रम को सतना पोस्ट के अधिकारी छिपाते रहे और राजकीय रेल पुलिस तक को समय से सूचना नहीं दी गई। देर रात सतना पहुंचे आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने यह बात स्वीकार की कि पोस्ट में युवक की मौत हुई है। लेकिन वह भी युवक की मौत के कारण के सवालों से बचते रहे।

आरपीएफ पोस्ट में युवक की संदिग्ध मौत
IMAGE CREDIT: पत्रिका

इस प्रकरण को लेकर गुरुवर को भी परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया, वो लगातार आरपीएफ जवानो को ही दोषी ठहराते रहे। उन्ही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते रहे। उन्होंने आरपीएफ जवानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की तक की मांग की। यह दीगर है कि उनकी एक न सुनी गई। हंगामे के दौरान जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर एसडीएम राजेश शाही और सीएसपी विजय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी कोतवाली एसएम उपाध्याय भी मौजूद रहे और मृतक के परिजनों को लगातार समझाते रहे। आरपीएफ ने 10 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी।

इस बीच जिला न्यायालय के न्यायाधीश शिशिर शुक्ला की अगुवाई में मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई। उधर आरपीएफ कमांडेंट अरुण त्रिपाठी के नेतृत्व में विभागीय जांच भी शुरू हो गई।

आरपीएफ पोस्ट में युवक की संदिग्ध मौत
IMAGE CREDIT: पत्रिका

लेकिन मृत युवक के शव के पोस्टमार्टम को लेकर भी काफी देर तक तमाशा बना रहा। पोस्टमार्ट समय से शुरू नहीं हो सका। इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि रीवा से दक्ष फोरेंसिक टीम बुलाई गई है। लेकिन वो टीम भी दोपहर तक सतना नहीं पहुंच सकी। ऐसे में संदिग्ध मौत के करीब 20 घंटे बाद सतना जिला अस्पताल और पुलिस की फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी के बीच ही दोपहर करीब पौने तीन बजे पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्ट जिला अस्पताल के डॉक्टर शैलेंद्र स्वर्णकार, डॉ. एसपी तिवारी और डॉक्टर पांडेय ने किया। इस दौरान न्यायाधीश शिशिर शुक्ला और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी मानसिंह भी पोस्टमार्टम कक्ष में मौजूद रहे। वे दोनों 2.55 बजे शवगृह से बाहर निकले।

Show More
Ajay Chaturvedi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned