काशी, प्रयागराज, चित्रकूट और मैहर बन सकती है एक अच्छी पर्यटन सर्किट, वीडियो में देखिए क्या बोले ये श्रीमहंत

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत की दक्षिण भारत से फ्लाइट कनेक्टवटी जरूरी, अच्छी सड़कों ने खत्म की दूरियां, 7 से 8 घंटे में कर सकते है चार तीर्थों का भ्रमण

 

By: suresh mishra

Published: 19 Jan 2019, 06:00 PM IST

Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

सतना। विंध्य क्षेत्र में चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थल है। चित्रकूट में स्वयं भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष के वनवास काल में 11 वर्ष बिताए है। जबकि मैहर में मां शारदा का शक्ति पीठ स्थापित है। वर्तमान समय में प्राचीन संस्कृति को बनाए रखने के लिए धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों को समावेश करने की जरूरत है। पर्यटन सर्किट में खजुराहो और बांधवगढ़ के साथ-साथ चित्रकूट और मैहर, विंध्यवासिनी जैसे धार्मिक स्थलों को मिलाया जाए।

बाहर से आने वाले भक्तों को प्रचार-प्रसार के माध्यम से इन क्षेत्रों को खींचा आए तो ये सर्किट एक अच्छी बन सकती है। काशी, प्रयागराज, चित्रकूट और मैहर धार्मिक नगरी की सड़क कनेक्टवटी अच्छी हो गई है। अब सिर्फ उत्तर भारत की दक्षिण भारत से फ्लाइट कनेक्टवटी जरूरी है। प्रयागराज कुम्भ मेले में शामिल होने आए तिरुमल तिरुपति बालाजी स्थित हाथीराम मठ के श्रीमहंत अर्जुनदास जी ने कही।

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