'पाक दिल हो मुहब्बत अता कीजिए, गैर के लिए भी दुआ कीजिए'

विंध्य क्षेत्रीय कवि सम्मेलन में बही काव्य गंगा

By: Jyoti Gupta

Published: 09 Apr 2019, 09:40 PM IST

सतना. शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बठिया रामपुर बाघेलान में शाला विकास समिति के तत्वावधान में वार्षिकोत्सव एवं मां सरस्वती पूजन के अवसर पर विंध्य क्षेत्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि भूतपूर्व सैनिक स्वामी सिंह व विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक तुलसी सिंह रहे। शुभारंभ मां वीणा पाणि की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कवियित्री निर्मला सिंह परिहार की सुमधुर वाणी वंदना के साथ हुआ। इसके बाद रीवा से पधारे अमित शुक्ला के ओजस्वी संचालन में काव्य गंगा का अविरल प्रवाह शुरू हुआ। सबसे कम उम्र के कवि प्रियांशु कुशवाहा प्रिय ने मां की ममता का गुणगान करते कई मुक्तक व देश में अव्यवस्थाओं पर कटाक्ष करते कविताएं पढ़ी। दोहा शैली में विख्यात रामपुर बाघेलान के कवि विष्णुधर भट्ट ने फ ाइल पर फ ाइल बढ़ी, दौड़े कागज खूब, पर किसान के भाग में, उगी न एकौ दूब सुमधुर दोहा पस्तुत किया। कवि सूर्यभान कुशवाहा ने अपनी बघेली व्यंग्य शैली में भाईचारा को समर्पित मुक्तक अंगना के तुलसी काटके, बारी न रूंधा भाई, निबले के टठिया खींच के आंखी न मूंदा भाई को सुना कर खूब तालियां बटोरी। गजलकार रामपाल सिंह ने अपनी गजल पाक दिल हो मुहब्बद अता कीजिए, गैर के लिए भी दुआ कीजिए सहित कई कलाम पेश कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। रीवा से पधारे बघेली प्रसिद्ध हास्य कवि रामलखन महगना के देशी ठहाका अंदाज को मौजूद जन समुदाय ने खूब सराहा। इस अवसर पर जिले की वरिष्ठ कवियित्री निर्मला सिंह परिहार के गीत, बैरिहा के कवि सोमचंद्र गुप्ता की ओज रचनाएं, ज्ञानेंद्र सिंह के मुक्तको को भी जी भरकर सराहना मिली।

Jyoti Gupta
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