मप्र के इस शहर में भू-माफिया सक्रिय, 10 एकड़ के तालाब में बस्ती बसाने की तैयारी

मप्र के इस शहर में भू-माफिया सक्रिय, 10 एकड़ के तालाब में बस्ती बसाने की तैयारी
Land mafia active in dhawari talab

Sonelal Kushwaha | Publish: Jun, 26 2019 05:49:50 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

राजस्व अमले के सहयोग से सरकारी जमीन खुर्द-बुर्द करने में जुटे भू-कारोबारी, जनता में आक्रोश

सतना. कभी 10 एकड़ में फैला शहर का सबसे बड़ा धवारी तालाब भू-कारोबारी एवं राजस्व अमले की साठगांठ के चलते तलैया में तब्दील हो चुका है। सदानीरा रहने वाले धवारी तालाब का अस्तित्व बचाने के लिए स्थानीय जनता तालाब बचाओ संघर्ष समिति बनाकर संघर्ष कर रही है तो दूसरी ओर सीमांकन की आड़ में अभी भी राजस्व अमला तालाब की जमीन भू-कारोबारी के हवाले करने में जुटा है।

कब्जे के लिए छोड़ दी दो एकड़ जमीन
धवारी तालाब की जमीन हड़पने में राजस्व अमले की संलिप्ता जब उजागर हुई है। तालाब सौंदर्यीकरण के लिए इसका सीमांकन करने राजस्व अमला तालाब पहुंचा। हल्का पटवारी एवं आरआई ने तालाब हड़पने में जुटे भू-कारोबारी के साथ मिलीभगत कर प्रशासन एवं स्थानीय रहवासियों की आंख में धूल झोंककर 10 एकड़ में फैले तालाब की दो एकड़ जमीन छोड़कर बीच तालाब में मेड़ डलवा दिया। बिना सीमांकन राजस्व अमले की निगरानी में लगभग दो एकड़ आराजी छोड़कर डाली जा रही मेड़ का विरोध करते हुए स्थानीय लोग सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है।

रातोंरात करा दी प्लाटिंग
रहवासियों का कहना है, राजस्व अमले ने तालाब गहरीकरण के दौरान उनकी उत्तरी सीमा में लगभग दो एकड़ आराजी छोड़कर मेड़ डलवा दी। बिना स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए पटवारी एवं आरआई द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की पोल तब खुली जब छोड़ी गई जमीन पर रातोंरात भू-कारोबारी ने प्लाटिंग कर उसकी तार से फेंसिंग करा दी।

मौके पर किया विरोध
तालाब बचाने के लिए संघर्ष कर रहे स्थानीय लोगों को जब सुबह तालाब में नए प्लॉट काटे जाने का जानकारी मिली तो मौके पर जाकर उन्होंने इसका विरोध किया। लोगों ने निगम एवं जिला प्रशासन से तालाब का ईमानदारी पूर्वक सीमांकन कराने तथा तालाब की सीमा रेखा तय होने के बाद उसका सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।

जिला प्रशासन भी नाकाम
तालाब बचाओ संघर्ष समिति व जागरूकता मंच के संयोजक एसके सिंह बघेल ने कहा कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे स्थित धवारी तालाब का अस्तित्व संकट में है। जिला प्रशासन शहर के जलाशय बचाने एवं जल संरक्षण के दावे तो करता है पर तालाबों की जमीन बचाने आज तक कोई पहल नहीं की गई। धवारी तालाब की जमीन हड़पने का खेल राजस्व अमले के संरक्षण में हो रहा है।

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