scriptleprosy patients will not be able to contest panchayat elections in MP | मध्यप्रदेश में कुष्ठ रोगी नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, पसंद का नहीं मिलेगा चुनाव चिन्ह | Patrika News

मध्यप्रदेश में कुष्ठ रोगी नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, पसंद का नहीं मिलेगा चुनाव चिन्ह

नामांकन भरने पर कर दिया जाएगा निरस्त

सतना

Published: November 15, 2021 11:17:08 am

सतना. इस बार मध्यप्रदेश में कुष्ठ रोगी पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अगर वे निर्देशन पत्र दाखिल करते हैं तो संवीक्षा के दौरान उनका नामांकन निरस्त कर दिया जाएगा। इसी तरह से पंचायत चुनाव में अभ्यर्थियों को उनकी पसंद का चुनाव चिन्ह नहीं दिया जाएगा। नाम निर्देशन पत्र में अभ्यर्थी ने अगर कोई त्रुटि की है तो प्रारंभिक जांच में उसे सुधारने के लिये कहा जाएगा।
मध्यप्रदेश में कुष्ठ रोगी नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, पसंद का नहीं मिलेगा चुनाव चिन्ह
leprosy patients will not be able to contest panchayat elections in Madhya Pradesh
ये नहीं दाखिल कर सकेंगे नामांकन

बता दे कि मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इसमें चुनाव प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयोग ने अभ्यर्थियों की निरर्हताएं स्पष्ट कर दी हैं जिसके आधार पर यह तय होगा कि कौन व्यक्ति पंचायत चुनाव लड़ सकता है या नहीं। इसके अनुसार अभ्यर्थी का भारत का नागरिक होना जरूरी है। अगर अभ्यर्थी शासकीय सेवक है या फिर उसे वेतन या मानदेय के रूप में पारिश्रमिक मिलता है तो वह नामांकन दाखिल नहीं कर सकेगा। अगर न्यायालय ने उसे विकृत्त चित्त घोषित कर दिया है या न्यायालय द्वारा न्याय निर्णीत किया जा चुका है तो भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा। दिवालिया घोषित व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेगा। अगर संबंधित व्यक्ति कुष्ठ रोग से पीडि़त है जो संक्रामक है तो वह भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा। भ्रष्टाचार के कारण जिसे सेवा से हटाया गया है वह भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
पंचायत का बकाया तो भी नहीं बन पाएंगे उम्मीदवार

अगर किसी व्यक्ति ने संपूर्ण शोध्य (बकाया) का भुगतान नहीं किया है जो पंचायत द्वारा वसूली योग्य है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। साथ ही उसे इस आशय की घोषणा करनी होगी कि उसके द्वारा किसी भी मद में पंचायत की देय किसी शोध्य धन का संदाय नहीं किया जाना है। मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल या उसकी उत्तरवर्ती कंपनियों का अगर बकाया होगा तो वह भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
सरकारी जमीन का अतिक्रामक नहीं लड़ सकेगा चुनाव

अगर किसी ने पंचायत या सरकारी जमीन या भवन पर अतिक्रमण कर रखा है वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल करने में असफल होने के कारण निरर्हित घोषित व्यक्ति भी चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
तो होगा पुनरीक्षण

अगर किसी पद के लिये भरे गए नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के दौरान केवल एक अभ्यर्थी का नामांकन शेष रहता है और अन्य सभी के निरस्त हो जाते हैं तो इस दशा में रिटर्निंग ऑफीसर तत्काल यह तथ्य पुनरीक्षण अधिकारी के सामने प्रस्तुत करेगा। पंच और सरपंच पद के लिये पुनरीक्षण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी होंगे। जनपद सदस्य पद के लिये पुनरीक्षण अधिकारी कलेक्टर होंगे। जिला पंचायत सदस्य पद के लिये पुनरीक्षण अधिकारी कमिश्रर होंगे। यह पुनरीक्षण संवीक्षा के अगले दिन होगा। अगर अलगा दिन अवकाश का होगा तो भी पुनरीक्षण किया जाएगा।
मनमाफिक नहीं मिलेंगे प्रतीक चिन्ह

पंचायत चुनाव में किसी भी अभ्यर्थी को उसके मनमाफिक प्रतीक चिन्ह नहीं दिये जाएंगे। रिटर्निंग अधिकारी भी किसी अभ्यर्थी को अपने मन से कोई प्रतीक आवंटित नहीं कर सकता। पद विशेष के लिए निर्धारित प्रतीक चिन्हों में से क्रमानुसार प्रतीक चिन्ह आवंटित किये जाएंगे। एक बार अभ्यर्थिता वापस लेने का आवेदन दे दिये जाने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकेगा।

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