नस्तियों में हेराफेरी करने पर उत्तम बनर्जी सहित 4 आर्किटेक्टों के लाइसेंस निरस्त, एफआईआर के निर्देश

नगर निगम आयुक्त की बड़ी कार्रवाई: कूटरचित कार्य की पोल खुलने के बाद आईडी कराई लॉक

सतना. भवन निर्माण अनुज्ञा के प्रकरणों की नस्तियों में हेरफेर कर उन्हें पुराने एबीपीएस-१ सॉफ्टवेयर में पंजीकृत करना निगम के चार लाइसेंसी आर्किटेक्टों को महंगा पड़ गया। दस्तावेजों में इस कूटरचित कार्य की पोल खुलने के बाद निगमायुक्त ने मामले की जांच कराई। इसमें भवन अनुज्ञा के ऑनलाइन प्रकरणों में हेरफेर करने की पुष्टि होने पर निगमायुक्त अमनवीर सिंह ने आर्किटेक्ट उत्तर कुमार बनर्जी, मनीष कुमार तिवारी, पवन सिंह व अजय कुमार सिंह के लाइसेंस निरस्त कर उनकी आईडी लॉक कर दी है। निगमायुक्त ने दस्तावेजों में कूटरचना कर नस्तियों में बदलाव करने के तथ्य प्रमाणित होने पर उक्त चारों आर्किटेक्टों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रकरणों में एेसे की हेराफेरी
निगम सूत्रों ने बताया कि भवन निर्माण अनुज्ञा के प्रकरणों को सुविधाजनक बनाने एवं शीघ्र स्वीकृत कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एबीपीएस-१ सिस्टम लागू किया था। कुछ समय बाद राज्य सरकार ने इस सॉफ्टवेयर को अपवर्जित करते हुए नया सॉफ्टवेयर एबीपीएस-२ चालू किया लेकिन पूर्व में जो प्रकरण एबीपीएस-१ में प्रस्तुत हो चुके थे एवं प्रचलन में थे, उनकी स्वीकृति के लिए राज्य सरकार द्वारा पुराने सॉफ्टवेयर को फिर से चालू किया गया। इसका लाभ उठाते हुए नगर निगम के कुछ आर्किटेक्टों ने कूटरचित ढंग से एबीपीएस-१ के लंबित प्रकरणों के नस्ती क्रमांक को लेकर नस्ती में पूर्व से संलग्न प्रकरणों को बदलकर नए प्रकरणों को पुराने नस्ती क्रमांक पर एबीपीएस-१ में लोड कर दिया। लाइसेंसी आर्किटेक्टों की यह हेराफेरी पकड़ में आने पर इसे गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त ने चारों आर्किटेक्टों पर कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए।
कार्रवाई से मचा हड़कंप

शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी व सबसे पुराने आर्किटेक्ट उत्तम बनर्जी द्वारा निजी लाभ के लिए ऑनलाइन नस्तियों में हेराफेरी करने का मामला उजागर होने पर शहर के आर्किटेक्टों के बीच हड़कंप मच गया। सूत्रों ने बताया कि उक्त आर्किटेक्टों द्वारा पूर्व सरकार के संरक्षण में फर्जी तरीके से कई भवन अनुज्ञापत्र जारी किए गए। यदि निगम प्रशासन पुराने प्रकरणों की जांच कराए तो नस्तियों में फर्जीवाड़े के कई घोटाले सामने आ सकते हैं।

ऑनलाइन नस्तियों में हेराफेरी कर नए सॉफ्टवेयर में दर्ज प्रकरण, पुराने सॉफ्टवेयर में दर्ज करने की शिकायतें मिली थीं। जांच कराने पर आरोप प्रमाणित पाए गए। सरकारी नस्तियों में हेराफेरी करना गंभीर अपराध है। इसलिए चारों आर्किटेक्टों का लाइसेंस निरस्त करते हुए उनके खिलाफ थाने में प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
अमनवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त सतना

Sukhendra Mishra Reporting
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