ढाई साल से लंबित 286 शिकायतें, सीमांकन के 500 से ज्यादा मामले भी नहीं निपटे

- लोकसेवा गारंटी को लेकर गंभीर नहीं अमला
- चार साल बाद भी नहीं निराकृत हो सकी समस्याएं

सतना. आम जनता के कामों में सरकारी अमले की ढिलाई को देखते हुए प्रदेश शासन ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम बनाकर कामों की समय सीमा तय कर दी। साथ ही समय पर काम न करने वाले अधिकारियों के लिए दण्ड का प्रावधान भी बनाया, लेकिन जिले में सरकारी अमला अपने लालफीताशाही वाले ढर्रे को छोड़ नहीं पा रहा। हालात यह हैं कि जिले में 600 के लगभग मामले समय सीमा से बाहर जा चुके हैं। अभी तक इन्हें संज्ञान लेकर किसी भी लापरवाह अमले पर कोई दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। हद तो यह है कि इसमें से अकेले 545 मामले सीमांकन के लंबित हैं। यही हाल सीएम हेल्पलाइन का भी है। यहां सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण चार से ज्यादा समय से निराकरण के लिए लंबित पड़े हैं तो 9 माह से ज्यादा लंबित प्रकरणों की संख्या 200 से ज्यादा है।
जिले में लोक सेवा गारंटी में समय सीमा गुजरने के बाद भी लंबित प्रकरणों की संख्या 571 है। इसमें से आरसीएमएस (रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम) के लंबित प्रकरणों की संख्या 559 है। इनमें से 545 प्रकरण तो सीमांकन के लंबित हैं। राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार राहत राशि देने में भी सरकारी अमला विलंब कर रहा है। जबकि सरकार की ओर से त्वरित राहत दिलाने की बात कही जाती है। इसके लंबित प्रकरणों की संख्या 19 है। हद तो यह हो गई है कि ऋण पुस्तिका तक समय पर अमला नहीं दे पा रहा है। भू-अधिकार ऋण पुस्तिका की दूसरी प्रति देने के लंबित मामलों की संख्या 13 है। इससे यह तो साबित हो रहा है कि राजस्व विभाग समय सीमा में लोगों के काम करने में असफल साबित हो रहा है यही वजह है कि सर्वाधिक लंबित प्रकरण राजस्व विभाग के ही हैं।

यहां भी लंबित हैं प्रकरण

आरसीएमएस के प्रकरणों को छोड़ दिया जाए तो नगर पंचायत चित्रकूट के 1, नगर परिषद नागौद का 1, नगर पंचायत कोठी का 1, जनपद पंचायत नागौद का 1, सीईओ जनपद रामपुर बाघेलान का 2, एमपीईबी जैतवारा का 1, महिला बाल विकास परियोजना सतना नं. 2 का 1, रघुराजनगर तहसीलदार का 1, एसडीएम रामनगर का 1 तथा बीआरसीसी सोहावल का एक प्रकरण लंबित है।
सीएम हेल्पलाइन में भी नहीं मिल रही मदद
मुख्यमंत्री लगातार सीएम हेल्पलाइन के निराकरण को लेकर गंभीर हैं। इसके समाधानकारक निराकरण के निर्देश जारी हैं। पर, स्थिति यह है कि जिले में तीन साल से ज्यादा समय से सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण निराकरण के लिए लंबित हैं। शिक्षाविभाग में एक हजार से ज्यादा दिन से लंबित शिकायतें हैं। इसमें दो मामले नियम विरुद्ध नियुक्ति से जुड़े हैं तो एक मामला विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष के लंबित निर्माण से जुड़ा है। स्थिति देखें तो 500 से ज्यादा दिनों से लंबित प्रकरणों की संख्या 286 और 100 दिन से ज्यादा समय से लंबित मामलों की संख्या 286 है।

एक मार्कशीट से दो लोगों की नौकरी

सीएम हेल्पलाइन में गंभीर मामलों के निराकरण में भी खानापूर्ति की जा रही। शिकायत क्रमांक 1617278 अपने आप में काफी गंभीर मामला है। इसमें एक ही अंकसूची से दो महिलाओं के एक ही नाम दो अलग-अलग विभागों में काम करने का है। अनीता शर्मा पिता आर्यन शर्मा नाम की महिलाएं एक ही मार्कशीट पर दो कार्यालयों में काम करती पाई गई हैं । एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भीषमपुर अमरपाटन में तो दूसरी शासकीय माध्यमिक शाला कदैला में। इसकी जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके तहत निराकरण यह दिया जा रहा है कि प्राचार्य कन्या रामपुर बाघेलान को थाने में प्रकरण दर्ज कराने कहा गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि प्राचार्य ने प्रकरण दर्ज करने पुलिस को लिख दिया है, लेकिन प्रकरण दर्ज हुआ या नहीं इसका निराकरण नहीं किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार अंतिम निराकरण तो दोषी पर कार्रवाई तक का है। लेकिन 12 जनवरी 2016 को दर्ज इस शिकायत को जिले के आला अधिकारी तक देख चुके हैं लेकिन आज तक एफआईआर दर्ज नहीं करा सके और न ही दोषी चिन्हित किये जा सके हैं।

Ramashanka Sharma
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