आकाशीय बिजली से सुरक्षित नहीं रह गया मां शारदा मंदिर, तड़ितचालक का ढाई लाख का तार चोरी

प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं माता के दर्शन करने

बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली से नुकसान का बना रहेगा खतरा

By: Ramashanka Sharma

Published: 14 Sep 2021, 02:10 AM IST

सतना. मैहर स्थित प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर अब आकाशीय बिजली से सुरक्षित नहीं है। यहां लगे तड़ितचालक की कॉपर वायर अज्ञात लोगों ने चोरी कर ली है। यह घटना तब सामने आई जब तड़ितचालक को और प्रभावी बनाने के लिये छत्तीसगढ़ से इंजीनियरों की टीम पहुंची तो पाया कि 200 मीटर लंबाई में कॉपर का अर्थ वायर गायब है। इसकी कीमत ढाई लाख के लगभग बताई गई है। जहां से यह सब चोरी गया है वहां दो-दस की सुरक्षा गार्ड हमेशा मौजूद रहती है।

तड़ितचालक की क्षमता बढ़ाने के दौरान हुआ खुलासा

अभी हाल में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे सतना दौरे पर आए थे तब उन्होंने सतना जिले के संबंध में कहा था कि प्रदेश में यह इकलौता जिला है जहां बिजली के तार चोरी होते है। लेकिन मैहर में इससे भी बढ़ कर एक मामला सामने आया है। मैहर माता शारदा मंदिर को आकाशीय बिजली से सुरक्षित रखने के लिये लगाए गए तड़ितचालक की अर्थ वायर चोरी हो गई है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब रायपुर से तड़ितचालक स्थापित करने वाली कंपनी के इंजीनियर इसकी क्षमता बढ़ाने के लिये मैहर मंदिर पहुंचे। नयी अर्थिंग लगाकर इसकी क्षमता बढ़ाने से पहले इन्होंने पहली अर्थिंग की जांच करनी चाही। इसके लिये जब वे अर्थिंग प्वाइंट पर गये तो पाया कि यहां से तार गायब है। इस पर इसकी खोज बीन की गई तो पाया गया कि लगभग 200 मीटर लंबाई की कापर वायर चोरी जा चुकी है। यह चोरी कब हुई है यह अभी तक पता नहीं चल सका है। यह तार हनुमान मंदिर के नीचे से कुछ दूरी बाद पहाड़ी के हिस्से से चोरी गई है। चोरों का पता लगाने के लिये सीसी टीवी के कैमरे खंगाले गए हैं लेकिन अभी तक चोरों का पता नहीं चल सका है।

इसलिये बढ़ा रहे थे क्षमता

गत वर्ष मैहर शारदा मंदिर के सामने आकाशीय बिजली गिरी थी। जिसको लेकर यह शिकायत की गई थी कि तड़ितचालक लगे होने के बाद भी बिजली मंदिर के पास कैसे गिरी। जिसकी जांच में पाया गया कि जिस क्षमता का तड़ितचालक लगा है, आकाशीय बिजली की क्षमता उससे कहीं ज्यादा थी। ऐसे में तड़ितचालक की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। जिस परिप्रेक्ष्य में तकनीकि अमला मैहर आया हुआ था।

27 बार मंदिर को बचा चुका है तड़ित चालक

इंजीनियरों ने तड़ित चालक में लगे एक यंत्र के हवाले से बताया है कि इस तड़ित चालक ने अब तक मंदिर को 27 बार आकाशीय बिजली के प्रकोप से बचाया है। मंदिर और इसके क्षेत्र में गिरने वाली आकाशीय बिजली को तड़ितचालक खुद में समाहित कर मंदिर को नुकसान से बचाया है। फिलहाल की स्थिति में अर्थ कनेक्शन न होने से यह निष्प्रभावी है। ऐसे में अगर मंदिर में बिजली गिरती है तो तड़ितचालक मंदिर की सुरक्षा आकाशीय बिजली से नहीं कर सकेगा।

Ramashanka Sharma
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