चित्रकूट में महंत को मारी गोली, देखें वीडियो

Dheerendra Kumar Gupta

Updated: 17 Jan 2020, 12:25:45 AM (IST)

Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

सतना. धर्मनगरी चित्रकूट के बालाजी मन्दिर के महंत को पहले से घात लगाकर बैठे बाइक सवार दो लोगों ने गोली मार दी। महंत के कनपटी व सिर में दो गोलियां लगी है। उनका वाहन चालक भी गोली लगने से घायल हुआ है। गुरुवार की रात करीब साढ़े 8 बजे हुई इस वारदात के बाद जिला अस्पताल लाते समय महंत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने उप्र की सीतापुर चौकी पुलिस ने हमलावरों की तलाश में नाकबंदी शुरू कर दी है। इस गंभीर वारदात के खबर पाकर एसपी कर्वी अंकित मित्तल भी मौके पर पहुंचे।
जानकारी मिली है कि गुरूवार की शाम करीब साढ़े आठ बजे बालाजी मंदिर के महंत अर्जुनदास (45) अपने चालक आशीष के साथ बाइक से अखाड़ा जाने की तैयारी में थे। दोनों मंदिर के नीचे ही पहुंचे थे कि पहले से ही घात लगाकर बैठे बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने आकर महंत के सिर व कनपटी में गोली मार दी। गोली लगते ही महंत वहीं पर गिर गए। तभी बचाने के लिए दौड़ा चालक आशीष भी गोली लगने से घायल हो गया। हमलावर बालाजी मंदिर के पीछे से श्मशान की तरफ भाग निकले। फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पाकर मौके पर कर्वी कोतवाल अनिल सिंह व चौकी प्रभारी सीतापुर रामवीर सिंह पहुंच गए। महंत व चालक को जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने देखते ही महंत को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी अंकित मित्तल भी अस्पताल पहुंचे। एसपी ने कहा कि हमलावरों की तलाश में नाकेबंदी की गई है। आसपास के थानों को एलर्ट कर चेकिंग शुरू करा दी गई है। बताते हैं कि महंत के खिलाफ इसके पहले मुकदमें भी दर्ज हो चुके हैं। जमीन को लेकर महंत का कुछ लोगों से विवाद भी चल रहा है।
औरंगजेब ने बनाया मंदिर
चित्रकूट में औरंगजेब ने ऐतिहासिक बालाजी मंदिर का निर्माण कराया था। वारदात के बाद यह बात सामने आई है कि महंत अर्जुनदास अपने चार पहिया वाहन से चालक आशीष तिवारी पुत्र बृजेंद्र तिवारी के साथ मुख्यालय आए थे। शाम को वापसी पर अपना चार पहिया वाहन निर्मोही अखाड़ा में खड़ा कर दिया। इसके बाद वह बाइक से दो मंदिर के महंतों से मिलने गए। रात होने पर जब वह बालाजी मंदिर लौट रहे थे तभी रामघाट के पास रामलीला मैदान पहुंचने पर अज्ञात दो युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरु कर दी।
पहले भी हुई वारदात
नाथपंथ की आठ प्रमुख गादी में से एक चित्रकूट के बालाजी मंदिर में पूर्व में भी हमला हो चुका है। अगस्त 2018 में यहां पर वारदात ने सनसनी फैलाई थी। इस हमले के पीछे यहां की ऐतिहासिक मूर्ति ले जाने सहित मंदिर पर कब्जा करने की साजिश बताई गई थी। इस घटना में आरोपी इंदौर से संबंध रखते थे। मंदिर और यहां के महंतों पर जमीन के विवाद में हमले होते आए हैं।

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