आरटीआई की सुनवाई में हाजिर नहीं होने पर मैहर की पूर्व सीएमओ पर 5 हजार का जुर्माना

आरटीआई की सुनवाई में हाजिर नहीं होने पर मैहर की पूर्व सीएमओ पर 5 हजार का जुर्माना

By: Bajrangi rathore

Updated: 05 May 2020, 07:08 PM IST

सतना। मप्र के सतना जिले में तत्कालीन सीएमओ मैहर (वर्तमान सीएमओ बिजुरी जिला अनूपपुर) कमला कोल को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देना और राज्य सूचना आयुक्त की सुनवाई में हाजिर नहीं होन भारी पड़ गया।

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस मामले की सुनवाई में उनके अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए 5000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया है। जानकारी के अनुसार आरटीआई एक्टिविस्ट उदयभान चतुर्वेदी ने मैहर नगर परिषद में एमपी कॉन संस्था द्वारा चलाए गए प्रशिक्षण की जानकारी चाही थी।

इस पर पीआईओ ने 1800 पेज की जानकारी के एवज में 18 हजार रुपए जमा करने कहा था। जबकि कुल राशि मात्र 3600 रुपए होनी थी। चतुर्वेदी ने बताया कि इस मामले में मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने 6 फरवरी को निराकरण किया था।

इसमें राज्य सूचना आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा था कि सीएमओ मैहर ने फीस नियम का उल्लंघन किया है। साथ ही शिकायतकर्ता के साथ असहयोगात्मक रवैया रखते हुए सूचना के अधिकार कानून का मजाक बनाया है। जबकि नियमानुसार २ रुपये प्रति कॉपी शुल्क लिया जाना चाहिए था।

इस मामले में आयुक्त ने सीएमओ के विधि विपरीत रवैये पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनकी परिनिंदा करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर 5 मार्च को व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने आदेशित किया था। लेकिन तत्कालीन सीएमओ मैहर कमला कोल जो वर्तमान में अनूपपुर जिले की बिजुरी नगर परिषद में सीएमओ हैं सुनवाई में अनुपस्थित रहीं।

इतना ही नहीं अनुपस्थिति की कोई सूचना भी नहीं दी गई। इस पर आयुक्त ने अपने फैसले में कहा है कि तत्कालीन सीएमओ पहले तो 30 दिन में सूचना नहीं देकर सूचना के अधिकार कानून का उल्लंघन किया। इसके साथ ही लगातार असहयोगात्मक रवैया अपनाए रखा।

इस आधार पर प्रतिदिन 250 रुपये के मान से अधिकतम 5000 रुपये का जुर्माना व्यक्तिगत रूप से आयुक्त ने तत्कालीन सीएमओ पर अधिरोपित किया है। यह राशि एक माह में नगद, बैंकर्स चेक या डीडी के माध्यम से आयोग कार्यालय में जमा करना होगा।

साथ ही वर्तमान लोक सूचना अधिकारी कार्यालय सीएमओ मैहर को आदेशित किया गया है कि अपीलार्थी उदयभान से नियमानुसार शुल्क राशि लेकर आवेदन का निराकरण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही आयुक्त नगरीय प्रशासन को आदेश की कापी भेजते हुए सूचना के अधिकार प्रकरण में सजग रहने कहा गया है।

Bajrangi rathore Desk
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