शुभ मुहूर्त शुरू, आज से गूंजेगी शहनाई

जिलेभर में आज मनाई जाएंगी मकर संक्रांति, स्नान दान से मिलेगा पुण्य

सतना. खरमास के कारण 15 दिसंबर के बाद से मांगलिक कार्य एक माह के लिए रुक गए थे, लेकिन मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद सूर्य की दिशा उत्तरायण होगी और खरमास खत्म हो जाएगा। खरमास के कारण रुके हुए शुभ मुहूर्त एक बार फि र से शुरू हो जाएंगे। फलस्वरूप आज से शहनाई भी गूजने लगेगी। ज्योतिषाचार्य जगन्नाथ मिश्रा बताते हैं कि वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं। इस संक्रांति में सूर्य मकर राशि में रहते हैं। इसलिए इसे मकर संक्रांति कहते हैं। जिले भर के लोग इस पर्व को मनाने के लिए उत्साहित हैं। घर-घर लोग शुभ मुहूर्त में स्नान, पूजा-पाठ, दान करेंगे। पकवानों का लुत्फ उठाएंगे और पूरे शहर में पतंगबाजी का माहौल रहेगा।

इसलिए आज मनाई जाएगी संक्रांति
14 जनवरी मंगलवार की मध्यरात्रि २.०७ बजे से यह पर्व शुरू हो रहा है। मध्यरात्रि के बाद संक्रांति होने से इसके पुण्य काल का विचार अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक रहेगा। इसी वजह से इस बार मकर संक्रांति बुधवार 15 जनवरी को मनाई जाएगी।


यह है महत्व

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनि देव से नाराजगी भुलाकर उनके घर गए थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान पूजा करने से व्यक्ति का पुण्य हजार गुना बढ़ जाता है। इस दिन से मलमास खत्म होने के साथ ही शुभ दिन शुरू हो जाते हैं।

पतंगों का त्योहार भी
मकर संक्रांति को पतंग महोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग छत पर खड़े होकर पतंग उड़ाते हैं। हालांकि पतंग उड़ाने के पीछे कुछ घंटे सूर्य के प्रकाश में बिताना मुख्य वजह बताई जाती है।


इस साल 73 वैवाहिक लग्न

जनवरी से लेकर दिसंबर तक कुल 73 शुभ लग्न हैं। खरमास खत्म होने के बाद से हिंदुओं के सभी शुभ कार्य जैसे शादी विवाह, उपनयन-मुंडन और गृह प्रवेश शुरू हो जाएंगे। यह क्रम जून के आखिरी सप्ताह तक चलता रहेगा। एक जुलाई को ही देवशयनी एकादशी पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु विश्राम के लिए छीर सागर में चले जाते हैं। उनके सोने के बाद सभी प्रकार के शुभ कार्य थम जाते हैं। 25 नवंबर से देवोत्थान एकादशी को भगवान नारायण निंद्रा से जागृत होंगे। फि र शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।

शुभ मुहूर्त
संक्रांति काल - सुबह ७:१९ से

पुण्यकाल-७:१९ से १२:३१ तक
महापुण्यकाल- ७:१९ से ९:०३ तक

Jyoti Gupta Reporting
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