निगमायुक्त साहब- आपके इंजीनियर किसी की नहीं सुनते, इनको सस्पेंड करिए, तब सुधर जाएंगे

एमआईसी बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़कीं महापौर

By: suresh mishra

Published: 08 Dec 2019, 01:11 PM IST

सतना/ नगर निगम कार्यालय में शनिवार को आयोजित मेयर इन कॉउंसिल (एमआइसी) की बैठक में शाखा प्रमुखों एवं इंजीनियरों की अनुपस्थिति देख महापौर ममता पाण्डेय नाराज हो गईं। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के रवैए पर सवाल उठाते हुए निगमायुक्त से कहा कि निगम इंजीनियर न मेरी सुनते हैं और न आपकी। फोन लगाने पर कहते हैं कि हम स्वच्छता ड्यूटी में व्यस्त हैं। दूसरा कोई भी कार्य नहीं करेंगे। एमआईसी बैठक की जानकारी सभी विभाग प्रमुखों को दी गई थी लेकिन एक भी इंजीनियर नहीं आया। सब मजाक बना लिए हैं।

आप सभी अधिकारियों को तुरंत बुलाइए, नहीं तो मैं बैठक स्थगित कर दूंगी। निगमायुक्त ने कर्मचारियों का बचाव करते हुए कहा कि आधा घंटे का समय दीजिए, सभी आ जाएंगे। जब 15 मिनट तक इंजीनियर बैठक में नहीं पहुंचे तो महापौर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि सब अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। मैं एमआइसी में प्रस्ताव पास करती हूं। आप इनको सस्पेंड करिए, सब सुधर जाएंगे।

क्यों नहीं मिला श्रमिकों को वेतन
महापौर ने बीती एमआइसी बैठक में जिन मस्टर कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव निरस्त कर दिया था, उनकी वेतन जारी न होने पर नाराजगी दिखाई। अधिकारियों से पूछा कि जब यह निगम में ड्यूटी कर रहे हैं तो वेतन जारी क्यों नहीं हुआ? निगमायुक्त ने कहा, जो सस्पेंड रहे हैं उनका वेतन कैसे जारी किया जा सकता है। महापौर ने कहा, 12 दिन काम नहीं किया तो उतने दिन का काट कर आज तक का वेतन दिया जाए। अधिकारी मजदूरी रोक कर श्रमिकों के साथ अन्याय कर रहे हैं। आज वेतन जारी कराइए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।

मेरे वार्ड में विकास से परहेज क्यों
महापौर ने इंजीनियरों से पूछा कि मेरे वार्ड में होने वाले विकास कार्यों का वर्क आर्डर अभी तक जारी क्यों नहीं हुआ? इस पर इंजीनियरों ने कहा कि फाइल निविदा समिति में लगी है, जल्द हो जाएगा। महापौर ने कहा कि इंजीनियर कहते हैं कि मेरे वार्ड में विकास करने से उनकी नौकरी चली जाएगी। जब शहर के दूसरी अवैध कॉलोनियों में रातोंरात सड़क बना देते हैं, तब किसी की नौकरी क्यों नहीं जाती। निगमायुक्तजी, मेरे वार्ड में दो-चार सड़कें तो वैध होंगी। यदि इतनी भी नहीं हैं तो एकाध होंगी, उन्हें बनवाएं। शहर सरकार के 20 दिन और बचे हैं। इंजीनियरों को कहिए कि वार्डों का काम करें। नहीं करना तो निगम में विकास कार्यों पर ब्रेक का बोर्ड लगवा दें।

इन अधिकारियों के डिमोशन का प्रस्ताव पास
एमआईसी की मेहरबानी से पांच साल तक शासन के आदेश के विपरीत पदोन्नति का लाभ ले रहे आधा दर्जन अधिकारियों के डिमोशन के प्रस्ताव को एमआईसी ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। जिन अधिकारियों को कॉउंसिल द्वारा डिमोट किया गया है उनमें एक अधीक्षण यंत्री, 3 कार्यपालन यंत्री, दो सहायक यंत्री तथा एक सहायक आयुक्त शामिल हैं। कुछ इंजीनियरों ने शासन से पदोन्नति मिलने की बात कहते हुए प्रस्ताव का विरोध किया तो महापौर ने कहा कि जिसे शासन से पदोन्नति मिल गई है वे आदेश सबमिट करें। उनका प्रस्ताव निरस्त कर दिया जाएगा। अब देखना यह है कि निगमायुक्त एमआइसी के प्रस्ताव पर अमल करते हैं या नहीं।

इनका हुआ डिमोशन
- एसडी पाण्डेय सहायक आयुक्त निगम सचिव
- एसके सिंह प्रभारी अधीक्षण यंत्री कार्यपालन यंत्री
- नागेंद्र सिंह प्रभारी कार्यपालन यंत्री सहायक यंत्री
- योगेश तिवारी प्रभारी कार्यपालन यंत्री सहायक यंत्री
- अरुण तिवारी प्रभारी कार्यपालन यंत्री सहायक यंत्री
- आरपी सिंह सहायक यंत्री उपयंत्री
- केपी शर्मा सहायक यंत्री उपयंत्री

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