बाल कल्याण आयोग के निरीक्षण में खुलासा, बच्चों को परोस रहे थे सड़ी दाल और क्रीड़ायुक्त चावल

बाल कल्याण आयोग के निरीक्षण में खुलासा, बच्चों को परोस रहे थे सड़ी दाल और क्रीड़ायुक्त चावल
Midday Meal Scheme: Disclosed in child welfare commission inspection

Suresh Kumar Mishra | Updated: 15 Sep 2019, 01:27:12 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

मध्याह्न भोजन में मनमानी: बाल कल्याण आयोग के निरीक्षण में खुलासा

सतना/ शासकीय माध्यमिक शाला बरमबाबा में बच्चों को सड़ी दाल और कीड़ा मिला चावल परोसा जा रहा था। बाल कल्याण आयोग की टीम के औचक निरीक्षण में मध्याह्न भोजन की हकीकत का खुलासा हुआ। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्याह्न भोजन बनाने वाले निर्मला स्व सहायता समूह का अनुबंध समाप्त करने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए।

बाल कल्याण अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि बाल कल्याण आयोग सदस्य अंजू मिश्रा, ब्रजेश चौहान, आशीष कपूर और रविंद्र मोर्य शनिवार सुबह मैहर के बरमबाबा स्थित आगनबाड़ी केंद्र का जायजा लेने पहुंचे। आंगनबाड़ी केद्र का जायजा लेने के बाद माध्यमिक शाला पहुंचे। वहां बच्चों को मध्याह्न भोजन लेकर निर्मला स्व-सहायता समूह को वाहन पहुंचा। टीम ने पाया कि बच्चों को परोसी जाने वाली दाल सड़ चुकी है। चावल में कीड़े मिले हुए हैं। आयोग ने बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए गुणवत्ताहीन भोजन परोसा जा रहा था।

मौके पर बनाया पंचनामा
आयोग ने अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा बनाया। जिसे सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा। आयोग ने बच्चों की सेहत से लापरवाही करने वाले निर्मला स्व सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई करने जिला शिक्षा अधिकारी टीपी सिंह को मौके से ही निर्देश दिए। कहा, स्व सहायता समूह का अनुबंध निरस्त करों। इसके अलावा अन्य विद्यालयों में भी इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

यहां भी परोस दिया सड़ा भोजन
मैहर के वार्ड-3 स्थित शासकीय विद्यालय में बच्चों को घटिया भोजन परोसने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी लगने पर मौके पर पहुुंची प्रशासनिक टीम ने समूह संचालक की लापरवाही बताते हुए कार्रवाई प्रस्तावित की है। एसडीएम के निर्देश पर मौका मुआयना करने गए मैहर सर्किल के राजस्व निरीक्षक दिनेश तिवारी ने बताया कि बच्चों को परोसी गई दाल से गंध आ रही थी।

प्रतिवेदन एसडीएम को सौंप दिया

बच्चों व शिक्षकों के बयान दर्ज कर जांच प्रतिवेदन एसडीएम को सौंप दिया है। गुणवत्ता विहीन भोजन परोसने के लिए समूह के कर्मचारी ही जिम्मेदार हैं। इसके लिए कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, विद्यालय में भोजन वितरण कार्य निर्मला ज्योति स्व-सहायता समूह को सौंपी गई थी। प्राचार्य रविशंकर मिश्रा की मानें तो समूह संचालक द्वारा अक्सर मनमानी की जाती है। इस दौरान बीएसी सुभाष चौरसिया भी मौजूद रहे।

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