वित्तीय वर्ष 2018-19: लक्ष्य पूरा करने 30 दिन में खनिज विभाग को वसूलने होंगे 106 करोड़ रुपए

इस वित्तीय वर्ष में अवैध परिवहन के वसूले 61 लाख

By: suresh mishra

Updated: 02 Mar 2019, 12:23 PM IST

सतना। वित्तीय वर्ष 2018-19 में खनिज विभाग को राजस्व वसूली का 284 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था। अभी तक महज 177 करोड़ की राजस्व वसूली की है। वित्तीय वर्ष समाप्ति को अब 30 दिन शेष हैं ऐसे में विभाग को 106.72 करोड़ की वसूली करनी होगी। इधर विभाग ने अवैध परिवहन के मामलों में 61.70 लाख रुपये का अर्थदण्ड वसूल चुका है। खनिज विभाग को इस वित्तीय वर्ष में 284 करोड़ रुपये का राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया था।

जिसमें जनवरी माह तक का लक्ष्य 205 करोड़ रुपये रहा। लेकिन खनिज विभाग जनवरी का लक्ष्य पूरा करमें असफल रहा है। इस अवधि तक वह 177.28 करोड़ रुपये ही वसूल सका है। जो लक्ष्य का 86% है। खनिज विभाग की राजस्व वसूली की स्थिति देखें तो गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में लक्ष्य पूरा करने में असफल रहा है। गत वर्ष विभाग को 279 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था जिसके विरुद्ध 250 करोड़ रुपये वसूल सका था। जो लक्ष्य का 89.72 प्रतिशत रहा।

पंजीयन विभाग की वसूली भी कमजोर
पंजीयन विभाग को इस वित्तीय वर्ष में 153 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। अभी तक 80.18 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है। जिसमें से स्टाम्प शुल्क से हुई आय 72.83 करोड़ हैं तो पंजीयन शुल्क से 7.34 करोड की आय हुई है। लेकिन गत वर्ष इसी अवधि तक विभाग को हुई आय की स्थिति देखें तो वह 111.61 करोड़ रही। इस आधार पर पंजीयन विभाग गत वर्ष इस अवधि तक हुई आय से 39 फीसदी पीछे है। हालांकि इस मामले में विभाग की ओर से सफाई दी गई है कि अल्ट्राटेक सीमेंट और अन्य माइनिंग लीज के दस्तावेजों से 51 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस कारण इस वर्ष आय का आंकड़ा गत वर्ष से कमजोर दिख रहा है।

अवैध खनिज कारोबार पर वसूली
खनिज के अवैध कारोबार को तीन हिस्से में बांटा जाता है। जिसमें अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भण्डारण शामिल है। अब तक विभाग ने अवैध खनन के 11 प्रकरणों में आरोपित अर्थदण्ड 5,44,225 के विरुद्ध पूरा अर्थदण्ड वसूला जा चुका है। अवैध परिवहन के 182 प्रकरणों में आरोपित 62,73,855 के विरुद्ध 61,70,262 रुपये वसूले गए हैं। अवैध भण्डारण के 11 प्रकरणों के विरुद्ध 1,75,000 के अर्थदण्ड के विरुद्ध शत प्रतिशत अर्थदण्ड की वसूली हो गई है।

यह है विभाग की आय का मुख्यस्रोत
खनिज विभाग के अनुसार जिले में 262 खनिज पट्टे तथा 112 उत्खनि पट्टे जारी हैं। मुख्य रूप से चूना पत्थर पाया जाता है। यहां 5 सीमेंट उद्योग प्रिज्म सीमेंट, बिड़ला सीमेंट, मैहर सीमेंट, रिलायंस सीमेंट, केजेएस सीमेंट व भिलाई जेपी सीमेंट फै क्ट्रियां शामिल हैं। इससे जो राजस्व की प्राप्ति होती है उसमें 90% सीमेंट फैक्ट्रियों का होता है।

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