जिले में 100 से भी अधिक उपार्जन केंद्र, रिजेक्शन सिर्फ तीन में

उपार्जन व्यवस्था पर सवाल

By: Pushpendra pandey

Published: 10 May 2020, 08:00 PM IST

सतना. समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहंू उपार्जन करने वाली सहकारी समितियों में धड़ल्ले से हर क्वालिटी का गेहंू पास हो रहा है। जिलेभर में एक सैकड़ा से अधिक उपार्जन केंद्र संचालित हैं। इनमें से सिर्फ 3 समितियों ने ही खराब किस्म के गेहंू का सैंपल रिजेक्ट किया है। बड़ा सवाल यह है कि क्या 107 केंद्रों में गुणवत्ता वाला अनाज ही पहुंचा रहा है या फिर समिति प्रबंधक की मिलीभगत के चलते पास किया जा रहा है। अब तक समर्थन मूल्य पर २३ हजार821 किसानों से 11 लाख 17 हजार 544 क्विंटल गेहंू खरीदा जा चुका है। इसमें से तीन समितियों ने ही 1258 क्विंटल गेहंू गुणवत्ता युक्त न होने की बात कहकर रिजेक्ट किया है।
24 लाख का रिजेक्शन : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सेवा सहकारी समिति बकिया बैलो ने 380 क्विंटल, सेवा सहकारी संस्था मुड़खोहा ने 280 क्विंटल, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बरहना पोस्ट मौहार कृषि उपज मंडी में 598 क्विंटल गेहंू की तौल करने से पहले ही समिति के कर्मचारियों ने रिजेक्ट कर दिया। किसानों के उपज की तौल से पहले गुणवत्ता में खरा न उतरने वाले 24 लाख २१ हजार 650 कीमत का 1258 क्विंटल गेहंू रिजेक्शन में डाल कर सैंपल लिए गए हैं।

क्या है नियम
जानकारों की मानें तो सैंपल लेकर नमी के साथ-साथ गेहंू की क्वालिटी देखी जाती है। किसान की उपज निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप न होने पर समिति कर्मचारी सैंपल कमेटी के समक्ष रखते हैं। कमेटी के निर्णय के बाद ही किसान की उपज का विक्रय हो पाता है, लेकिन यहां स्थिति कुछ दूसरी है। समितियोंं की जांच में सभी किसानों के अनाज की गुणवत्ता ओके है।

Pushpendra pandey Desk
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