मां-बेटे सहित दो अन्य को एडीजे कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा, भैंस द्वारा कंडा कचरने पर हुआ था विवाद

एडीजे कोर्ट नागौद का फैसला

सतना/ मारपीट करने वाले मां-बेटे सहित चार अभियुक्तों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नागौद दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्तों को दो लाख रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए अभियुक्तों के प्रति नरम रुख अपनाया जाना उचित नहीं होगा। अदालत ने मारपीट से आहत को अपील अवधि के बाद डेढ़ लाख रुपए देने के भी आदेश दिए। अभियोजन की ओर से एजीपी राजेश कुमार मिश्रा ने पक्ष रखा।

ये है मामला
एजीपी मिश्रा ने बताया कि घटना 19 फरवरी 2017 को ग्राम उरदान में घटी। फरियादी उमाशंकर अपनी भैंसों को पानी पिलाकर तालाब से वापस ला रहा था। तभी उसकी एक भैंस सुनीता द्वारा पाथे गए कंडे के ऊपर से निकल गई। इसके बाद सुनीता ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। फरियादी ने गाली देने से मना किया तो सुनीता ने फरियादी के सिर पर लाठी मार दी। इससे उसके सिर पर चोट लगी। तभी अन्य आरोपियों पूजा, राजबहादुर, रामधनी ने उस पर लाठी से हमला कर दिया। बालकृष्ण गर्ग की सूचना पर अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।

इनको मिली सजा
विचारण के दौरान अदालत ने सभी चारों आरोपियों सुनीता कुशवाहा पति सुशील कुशवाहा, पूजा कुशवाहा पति अवधेश कुशवाहा, राजबहादुर कुशवाहा पिता सुशील कुशवाहा, रामधनी कुशवाहा पिता भरत कुशवाहा सभी निवासी ग्राम उरदान थाना नागौद के खिलाफ अपराध प्रमाणित होना पाया। अदालत ने सभी आरोपियों को भादवि की धारा 308/34 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए जुर्माना, धारा 325/44 के तहत भी सात वर्ष का सश्रम कारावास और पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए जुर्माना लगाया। आरोपियों द्वारा अर्थदंड की राशि का भुगतान करने पर मारपीट से घायल उमाशंकर पिता रावेंद्र गर्ग को अपील अवधि के बाद देने के आदेश दिए।

suresh mishra Reporting
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