पुलिस बनकर अपराधियों को खत्म करने की चाहत

शहर की बेटियां पुलिस की नौकरी के लिए की जा रही दक्ष , मप्र शासन और महिला बाल विकास की पहल

सतना. मप्र शासन और महिला बाल विकास द्वारा अक्टूबर २०१७ में शुरू की गई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेटियों को पुलिस बनने का सुनहरा मौका मिलेगा। शहर की बेटियां पुलिस की नौकरी के लिए दक्ष की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा पुलिस उपाधीक्षक, अधीक्षक, जिला जेल, एसआई की तैयारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया है। इतना ही नहीं इस एग्जाम को क्वालीफाई करने के लिए जो शारीरिक प्रवीणता और लिखित परीक्षा की रिक्वायरमेंट होती है उसे प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। अब तक इस प्रशिक्षण का लाभ ३६० छात्राओं मिल चुका है। जल्द ही ५५ छात्राओं के नए बैच को प्रशिक्षण दिया जाएगा । जिसके लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया गया । छात्राएं १५ जनवरी तक महिला बाल विकास कार्यालय में सुबह साढ़े दस से शाम साढ़े पांच बजे तक जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं।

18 से 28 वर्ष की छात्राओं कर सकती हैं पार्टिसिपेट
इस योजना के तहत प्रशासन और बाल विकास विभाग द्वारा निशुल्क छात्राओं को पुलिस की नौकरी के लिए तैयार किया जाता है। इसमें जिले से कोई भी छात्रा जो १८ से २८ साल की हो, साथ ही १२वीं पास हो वह रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्रा को खुद ही जाना होगा । इसके अलावा किसी भी डाक्यूमेंट की जरुरत नहीं होती है। सिलेक्शन के बाद ही डाक्यूमेंट जमा करवाया जाता है। गुजरना होगा स्क्रीनिंग एग्जाम से

हर बार की तरह इस बार भी छात्राओं को स्क्रीनिंग एग्जाम से गुजरना होगा । इस एग्जाम को पास करने के बाद ही प्रशासन की इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा। साल में तीन-तीन माह के लिए शुरू जाने वाले इस प्रशिक्षण के लिए चार बार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाती है। एक बैच में ५५ छात्राओं को ही रखा जाता है। जिसके लिए हर बार जिले भर से २५० से तीन सौ तक आवेदन आते हैं। स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद ही इन ५५ छात्राओं का चयन किया जाता है।

शारीरिक प्रवीणता और लिखित परीक्षा
सिलेक्शन के बाद तीन माह तक दो घंटे की क्लास लगाई जाती है। एक घंटे शारीरिक प्रवीणता और एक घंटे लिखित परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है। शारीरिक प्रवीणता के अंतर्गत छात्राओं को व्यायाम, दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक की पै्रक्टिस कराई जाती है। लिखित परीक्षा के अंतर्गत संबंधित कोर्स के विषयों को पढ़ाया जाता है।

अब शुरू होगी मोटिवेशनल स्पीच

इस सत्र से छात्राओं के लिए एक सप्ताह में एक मोटिवेशनल स्पीच कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा । जिसमें जिले के आलाधिकारी इन छात्राओं को मोटिवेट करने वाले स्पीच देंगे। साथ ही अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

वैकेंसी का है इंतजार
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं में अभी तीन लड़कियों को जॉब मिली है। एक लड़की एमपीपीएसी में तो लड़की सेंट्रल गवर्नमेंट की जॉब एसएससीजीडी और आरपीएफ के लिए चयनित हुई। बाकी छात्राओं का कहना है कि वैकेंसी का इंतजार है। जैसे ही वैकेंसी आएगी वे इसके लिए आवेदन करेंगी।

Jyoti Gupta Reporting
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