खुफिया तंत्र व पुलिस की नाकामी से सुलगता रहा मैहर, अमन-चैन पर भारी पड़ा दो पक्षों का विवाद

तीन दिन से जारी था दो पक्षों में विवाद, सोशल मीडिया में मैसेज के बाद मचा हंगामा, अचानक करीब दो हजार लोग पहुंच गए मैहर

By: suresh mishra

Published: 09 Dec 2017, 11:11 AM IST

सतना। मैहर में शुक्रवार को अचानक बवाल शुरू नहीं हुआ। बल्कि, ये स्थिति एक सप्ताह से बनी हुई थी। दो पक्षों के बीच तनाव के माहौल थे, इसकी भनक भी पुलिस व प्रशासन को थी। लेकिन, समय रहते न तो ठोस कदम उठाए गए और न ही किसी निर्णायक स्थिति पर पहुंचा गया। जिसके चलते अचानक दो पक्षों का विवाद अमन-चैन पर भारी पड़ गया और बवाल का रूप ले लिया। देखते ही देखते पूरे शहर में दहशत फैल गई। जो देर रात तक जारी रही।

बताया जाता है कि 2 दिसंबर को घंटाघर चौराहे पर भड़काऊ गाने बजाए गए थे। इसके बाद चर्चा का माहौल गर्म हुआ और स्थिति बिगडऩा शुरू हुई। इसके बाद 6 दिसंबर को दूसरे पक्ष ने झंडा उतारा और अपमान स्वरूप नारेबाजी की, साथ ही भड़काऊ भाषण भी दिए गए। उसके बाद भी पुलिस व प्रशासन चुप्पी साधे रहा। अपनी तरफ से किसी भी पक्ष को बुलाकर शहर की शांति व्यवस्था के संदर्भ में चर्चा नहीं की।

वहीं शुक्रवार को एक पक्ष थाने में शिकायत करने पहुंचा और रैली निकाला। तो दूसरा पक्ष भी एकत्रित हो गया और उसके द्वारा भड़काऊ मैसेज सोशल मीडिया पर वॉयरल करने का काम भी शुरू किया गया। जिसके बाद दोनो पक्ष आमने-सामने हो गए और बवाल शुरू हो गया। इस तरह से एक सप्ताह से मैहर सुलगता रहा, लेकिन किसी भी पक्ष को समझाने के लिए पुलिस, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने पहल तक नहीं की। जिसका नतीजा रहा कि पूरे मैहर को बवाल झेलना पड़ा।

खुफिया तंत्र की नाकामी
पुलिस विभाग अपनी वार्षिक रिपोर्ट में मैहर को आंशिक संवेदनशील की श्रेणी में डाल रखा है। इससे पहले भी कई बार मैहर में विवाद हो चुके हैं। उसके बावजूद खुफिया तंत्र का विफल होना, बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर मान लें कि खुफिया तंत्र, पुलिस का मुखबिर तंत्र असफल नहीं हुआ। इन्होंने अपना काम ईमानदारी से किया, हर इनपुट को शीर्ष अधिकारी व विभाग तक पहुंचाया। उसके बाद भी बवाल शुरू होने से पहले उचित कदम नहीं उठाया गया, ये बड़ा सवाल है।

सोशल मीडिया पर मैसेज
विवाद से पहले एक पक्ष ने सोशल मीडिया पर मैसेज भी वॉयरल किया। जिसमें आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया गया था। ये मैसेज उकसाने का काम किया। इसमें संबंधित व्यक्ति ने बकायदा अपने नाम के साथ पद का उल्लेख किया। जिसके बाद उसके समर्थकों ने मैसेज को अन्य गु्रपों में वॉयरल करने का काम शुरू कर दिया। जिससे देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई।

आधा दर्जन आगजनी
विवाद के बड़ा रूप लेते ही आगजनी व तोड़-फोड़ शुरू हो गई। मैहर के आधा दर्जन स्थानों पर आगजनी व तोड़-फोड़ की गई। सबसे पहले हंगामा करने वालों ने घंटाघर पर ठेले व खोमचे वालों की दुकाने आग के हवाले कर दिया। इसके बाद वे आगे बढ़े और कटरा मोहल्ला के पास पहुंचे। वहां भी गुमटी व ठेले वालों को निशाना बनाया गया। यहां भी कई दुकानों में आगजनी की गई। फिर वे ओवरब्रिज के पास पहुंचे, यहां भी आधा दर्जन ठेलों को पलट दिया गया और तोड़-फोड़ की गई। इसी दौरान कुछ लोग पीडब्लूडी रेस्ट हाउस के पास ट्रांसफार्मर को आग के हवाले कर दिया। जिससे इस क्षेत्र की बिजली सप्लाई भी बाधित हो गई।

2 हजार से ज्यादा हंगामा करने वाले
दोनो पक्षों से हंगामा करने वालों की संख्या पर नजर डालें, तो दो हजार से ज्यादा थे। अचानक वे सड़कों पर उतर आए और हंगामा शुरू हो गया। दोनो पक्षों ने अपनी सीमा से बाहर जाकर शहरवासियों को संकट में डाला। ये अचानक कहां से पहुंच गए, बड़ा सवाल है। क्योंकि स्थानीय लोगों की माने, तो अधिकतर लोग मैहर शहर के नहीं थे। फिर ये कौन थे और मैहर कैसे पहुंचे? पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी।

अलर्ट मोड में रेलवे
मैहर में बवाल शुरू होने के बाद रेलवे अलर्ट मोड में आ गया। मैहर एसएम द्वारा सतना स्टेशन को सूचना दी गई। इसके बाद यहां कंट्रोल व डीआरएम को जानकारी भेजी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीआरएम स्वयं सक्रिय हो गए। उन्होंने आरपीएफ व जीआरपी से तत्कालीन जानकारी ली। साथ ही हिदायत दी कि हंगामा करने वाले रेलवे ट्रैक पर न आएं, स्थानीय पुलिस की मदद से ऐसा प्रयास किया जाए। मैहर स्टेशन, कॉलोनी व ट्रैक किनारे गश्त की जाए। वहीं हर पल की जानकारी जबलपुर हेड क्वॉटर को भेजी जाए। जब तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आती, हर इनपुट पर नजर रखी जाए। यात्री सुरक्षा व रेल परिचालन प्रभावित न हो।

थाना पुलिस की गंभीर लापरवाही
हंगामा थाना से करीब 300 मीटर की दूरी पर शुरू हुआ। लेकिन, हैरान करने वाली बात ये थी कि मैहर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच सक्रिय नहीं हुई। आधे घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस नदारद रही। जिससे हंगामा करने वाले मनमानी करते रहे। खुलेआम दहशत फैलाई गई।

पुलिस के सामने हथियार लेकर घूमते रहे
पुलिसिया लापरवाही बाद में भी देखने को मिली। जब चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उसके बाद भी कुछ लोग हथियार लेकर घूमते नजर आए। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास नहीं किया। लोग हथियार लहराते हुए नारेबाजी तक करते रहे। इनकी फोटो तक सोशल मीडिया पर वॉयरल हुई, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाया।

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