टेक्सटाइल डिजाइनिंग फील्ड में कॅरियर की राह आसान

टेक्सटाइल डिजाइनिंग फील्ड में कॅरियर की राह आसान
National Textile Day

Jyoti Gupta | Publish: May, 04 2019 08:47:35 PM (IST) | Updated: May, 04 2019 08:47:36 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

नेशनल टेक्सटाइल डे: क्रिएटिव और इनोवेटिव हैं तो यह फील्ड आपको दिलाएगी एक अलग पहचान

सतना. हम कभी नहीें सोचते हैं जिन फै ब्रिक को हम पहनते हैं। उनमें जो डिजाइन प्रिंट की जाती है वह कैसे की जाती होगी। हमे डिजाइन पसंद आया और हम उस ड्रेस को खरीद कर ले आते हैं। रैंप वॉक पर रंग-बिरंगी डिजाइन वाले ड्रेस पहने मॉडल को हम एक टक निहारते ही रहते हैं। जानते हैं क्यों। क्योंकि परदे के पीेछे कोई एेसा व्यक्ति होता है, जो अपनी क्रिएटिव सोच से इन परिधानों का टेक्सटाइल तैयार करता है। हर मौसम का फैब्रिक और हर बार उसके प्रिंट में बदलाव। यह एक टेक्सटाइल डिजाइनर की ही देन होती है, लेकिन हम में से बहुत ही कम लोग टेक्सटाइल से जुड़े महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देते हैं। यह वह फील्ड है जो आपको ग्लैमर्स से तो जोड़ती है। रुपए के साथ पहचान भी दिलाती है। आज नेशनल टेक्सटाइल डे है... हमारे शहर के एक्सपर्ट यहां के युवाओं को बताएंगे कि टेक्सटाइल की दुनिया कितनी विशाल हो गई है। इस फील्ड में कैसे मुकाम हासिल किया जा सकता है।

टैलेंटेड युवाओं इंतजार

हर युवा में कुछ न कु छ खास प्रतिभा होती है। अगर वह अपनी प्रतिभा को पहचान कर संबंधित फील्ड में आगे बढ़ेगा तो वह निश्चित ही सफलता गेन कर सकता है। यहां हम बात उन युवाओं की कर रहे हैं जिनकी सोच रचनात्मक और कल्पना से भरी हो और जो हर दिन कुछ स्पेशल, यूनिक और स्टाइलिश डिजाइन को आकार देने की क्षमता रखता है। अगर एेसी प्रतिभा वाला युवा टेक्सटाइल के फील्ड में कदम बढ़ाता है तो यकीनन वह अपने साथ-साथ इस फील्ड से संबंधित कंपनी को भी बेहद फायदा पहुंचा सकता है। शहर के फैशन एक्सपर्ट का कहना है कि टेक्सटाइल डिजाइनिंग में व्यापक अवसर मौजूद हैं, क्योंकि दिन- प्रतिदिन इसके कोर्स एवं संभावनाओं में विस्तार देखने को मिल रहा है। भारत सहित विदेशी बाजार में भारतीय टेक्सटाइल की भारी मांग है।

रोजगार देने वाली अव्वल इंडस्ट्री

भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री की पहचान विश्व की सर्वोत्तम इंडस्ट्री में होती है। कुछ साल पूर्व तक इस इंडस्ट्री की कोई खास पहचान नहीं थी, लेकिन 1991 में हुए आर्थिक उदारीकरण के बाद इसका पूरा परिदृश्य ही बदलने लगा। धीरे-धीरे टेक्सटाइल इंडस्ट्री रफ्तार पकडऩे लगी और आज विश्व में भारत की एक अलग पहचान है। मुख्यता भारत में टेक्सटाइल इंडस्ट्री पूरी तरह से टेक्सटाइल मैनुफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर आधारित है, जिसके चलते यह देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्तवपूर्ण योगदान दे रही है। रोजगार देने के मामले में भी भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री अव्वल है। यह सिर्फ अपने सेक्टर में ही जॉब के अवसर नहीं प्रदान करती, बल्कि अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी कई तरह के विकल्प प्रदान करवाती है।

योग्यता
इसमें कोर्स करने के लिए छात्र की योग्यता कम से कम 12वीं होना आवश्यक है। स्नातक स्तर के पाठयक्रमों में प्रवेश 12 वीं के बाद तथा परास्नातक स्तर के पाठयक्रमों में दाखिला ग्रेजुएशन के बाद मिलता है। कई डिप्लोमा एवं एडवांस डिप्लोमा पाठयक्रम भी हैं जिन्हें स्नातक के बाद किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए किसी स्ट्रीम का निर्धारण नहीं किया गया है।
प्रवेश से जुड़ी जानकारी

टेक्सटाइल डिजाइनिंग से संबंधित स्नातक एवं परास्नातक पाठयक्रमों में प्रवेश करने के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा में पास होना जरूरी है। कई संस्थान ऐसे भी हैंए जो अपने यहां मेरिट अथवा इंटरव्यू के हिसाब से दाखिला देते हैं। उदाहरण के तौर पर निफ्ट में प्रवेश के लिए छात्रों को एंट्रेस एग्जाम में बैठना होता है। इसके फ ॉर्म नवंबर और दिसंबर में मिलते हैं। परीक्षा फ रवरी के पहले सप्ताह में आयोजित की जाती है। परिणाम मार्च के मध्य में घोषित किए जाते हैं। इंटरव्यू एवं जीडी अप्रैल-मई में आयोजित किए जाते हैं। परीक्षा तीन चरणों में गेट, कैट, सिचुएशन में संपन्न होती है।

इन गुणों में निपुण होना जरूरी
डिजाइनिंग के अन्य क्षेत्रों की भांति यह क्षेत्र भी क्रिएटिविटी से ओत.प्रोत है। एक टेक्सटाइल डिजाइनर को जहां सैंपल डिजाइन तैयार करने, स्केच तैयार करने तथा टैक्सचर एवं फैब्रिक संबंधी प्रयोग करने पड़ते हैंए वहीं दूसरी ओर उसे क्लाइंट को अपने प्रोडक्ट, डिजाइन की ओर आकर्षित करने के लिए प्लानिंग और प्रेजेंटेशन पर भी विशेष ध्यान देने पड़ता है। उसे विस्तारपूर्वक अपने आइडियाज एवं कांसेप्ट को क्लाइंट को समझाना पड़ता है। डिजाइन संबंधी रिसर्च, डेवलपमेंट सभी बिन्दुओं में बेहतर तालमेल बैठाना होता है। इसके अलावा उन्हें कलर, टेक्सचर एवं पैटर्न की बेसिक नॉलेजए टेक्सटाइल मैटेरियल का ज्ञानए बाजार के नए ट्रैंड्स, टीम भावना के साथ काम करने की दक्षता व कम्युनिकेशन स्किल्स को मजबूत बनाए रखने की जरूरत होती है। इन सब के बीच यह आवश्यक है कि क्रिएटिविटी दर्शाते हुए अपने क्लाइंट को दी गई समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की योग्यता होनी चाहिए।


इन पोस्ट पर कर सकते हैं काम

टेक्सटाइल या फैब्रिक डिजाइनर
एंब्रॉयडरी डिजाइनर
डाइंग एवं प्रिंटिंग कंसल्टेंट
टेक्सटाइल लैब मैनेजर

फैब्रिक रिसोर्स मैनेजर

कोर्स और उसकी अवधि
डिप्लोमा इन फैशन एंड टेक्सटाइल डिजाइन, चार वर्षीय
बैचलर ऑफ साइंस इन फैशन एंड अपैरल डिजाइनिंग, तीन वर्षीय
डिप्लोमा इन टेक्सटाइल एंड फैशन डिजाइन, दो वर्ष
बीएससी इन टेक्सटाइल डिजाइन, तीन वर्ष
मास्टर इन टेक्सटाइल डिजाइनिंग, दो वर्ष

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