स्कूल सत्र शुरू, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की गारंटी नहीं दे रहे जिम्मेदार

स्कूल सत्र शुरू, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की गारंटी नहीं दे रहे जिम्मेदार
satna school

Rajendra Gaharwar | Publish: Apr, 02 2017 08:19:00 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

सीबीएसई व एमपी बोर्ड से संबद्ध ज्यादातर निजी स्कूलों में 1 अप्रैल से शुरू,  आरटीई को लेकर आदेश का इंतजार, विगत वर्ष 10 हजार सीटें रह गई थी रिक्त।

सतना। जिले में स्कूलों का नया सत्र शुरू हो गया है, लेकिन आरटीई के तहत शिक्षा की गारंटी का पता ही नहीं है। आलम ये है कि सीबीएसई व एमपी बोर्ड से संबद्ध ज्यादातर निजी स्कूलों में 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है। शेष में भी अगले सप्ताह से कक्षाएं लगने लगेंगी। लेकिन, अब तक आरटीई (शिक्षा के अधिकार) के तहत एडमिशन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है। विगत वर्ष ऐसी लेट-लतीफी के चलते जिले में आरटीई की 10 हजार सीटें खाली रह गई थीं।

गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत कर रहे परिवार के बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में पढऩे का मौका देने के लिए 25 फीसदी सीटें आरटीई के तहत भरी जाती हैं। बीते सत्र में जून तक आरटीई में एडमिशन की प्रक्रिया चलने के बावजूद सीटें नहीं भरा सकीं। दरअसल, सत्र शुरू होने के एक महीने बाद तक इंतजार करते हुए पालकों ने बच्चों को नजदीकी स्कूलों में एडमिशन दिलवा दिए। इस बार भी पालक बेसब्री से आरटीई की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

ऑनलाइन काउंसलिंग

स्कूलों से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिला पा रही। अधिकारी सिर्फ यही कह रहे हैं, एडमिशन ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए होंगे। वहीं ऐसे परिवारों को ऑन लाइन प्रक्रिया भी सहज नहीं होती है। वे जबतक सबकुछ समझते हैं, तब तक समय-सीमा ही खत्म हो चुकी रहती है।

25 फीसदी आवेदन हो गए थे रिजेक्ट
आरटीई एडमिशन की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के चलते गत वर्ष से ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू की गई थी, लेकिन जागरूकता के अभाव में कई पालक इसके लिए आवेदन ही नहीं कर पाए। आलम ये था कि 16768 सीटों के विरूद्ध जिले में 7910 आवेदन आए थे। उसमें भी 25 फीसदी आवेदन रिजेक्ट हो गए थे। इस बार ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आरटीई के तहत एडमिशन दिलाने के लिए विभाग स्कूल स्तर पर भी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया कराने पर विचार कर रहा है।

कई स्कूल करते रहे इंतजार
शिक्षण शुल्क में छूट मिलने के बाद आरटीई के 80 फीसदी से ज्यादा आवेदन ऐसे सीबीएसई स्कूलों के लिए हो रहे हैं, जिनकी फीस 30 हजार से 1 लाख रुपए सालाना है। आरटीई के तहत कम फीस वाले स्कूलों में भी एडमिशन के लिए सीटें आरक्षित रहती है। इन स्कूलों में आरक्षित सीटों की संख्या के लिहाज से ही दावेदारी नहीं होती। लिहाजा ये स्कूल आरटीई की सीटें भरने का इंतजार ही करते रह जाते हैं।

नंबर गेम
कुल सीट        16768
आवेदन           7910
सीट आंवटन    6456
रिक्त सीटें        2809
(आकड़े विगत वर्ष के)

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