न मोबाइल न टीवी... ऐसे में कैसे ऑनलाइन पढ़ेगा इंडिया

हकीकत: सरकारी स्कूलों के ६० फीसदी छात्रों के घर नहीं डिजिटल पढ़ाई के उपकरण

By: Pushpendra pandey

Published: 10 May 2020, 06:53 PM IST

सतना. कोरोना वायरस के कारण २० मार्च से जिले के निजी एवं सरकारी स्कूलों में ताला लटक रहा है। ग्रीष्मकालीन कक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आगे शैक्षणिक गतिविधियां कब शुरू होंगी, इसे लेकर शिक्षा महकमा कोई निर्णय नहीं ले पा रहा। एेसे संकट काल में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा छात्रों की पढ़ाई शुरू कराने ऑनलाइन क्लास शुरू करने की योजना बनाई गई है। छात्रों के मोबाइल पर एेप डाउनलोड कराकर उन्हें ऑनलाइन शैक्षणिक शिक्षा दी जा रही है। शिक्षा विभाग कक्षा १०वीं एवं १२वीं के छात्रों के लिए लिए दूरदर्शन पर क्लास शुरू करने जा रहा है, लेकिन जिले की सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गांव एवं शहर में रहकर पढ़ाई करने वाले अधिकांश छात्रों के पास न एंड्रॉयड मोबाइल फोन है, न उनके घर में टेलीविजन की व्यवस्था। एेसे में बिना मोबाइल-टीवी के ऑनलाइन कैसे पढ़ेेगा इंडिया। पढ़ेगा नहीं तो आगे कैसे बढ़ेगा इंडिया। इस सवाल का जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है।

60 % से ज्यादा छात्र ऑनलाइन शिक्षा से वंचित
प्रदेश सरकार बोर्ड कक्षाओं के छात्रों के लिए 11 मई से ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ करने जा रही है। इसके तहत दूरदर्शन में प्रतिदिन 30 जून तक दो घंटे क्लासरूम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। टीवी पर लगने वाली क्लास की जनकारी के लिए गांव-गांव प्रचार करने की जिम्मेदारी शिक्षा महकमे को दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले ६० फीसदी छात्रों के पास न टीवी है और न मोबाइल। इसलिए उन्हें ऑनलालइन शैक्षणिक गतिविधियों से जोडऩा संभव नहीं है।

बिगाड़ दिया भाईचारा
शहर हो या गांव, एेसे परिवार जिनके पास टीवी नहीं है, उनके बच्चे पड़ेसी के घर में टीवी देखने पहुंच जाते थे। कोरोना के भय में आपसी भाईचार कम हो गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने लोग एक-दूसरे के घर नहीं जा रहे। एेसे में गरीब परिवार के बच्चों को टीवी में प्रसारित शैक्षणिक गतिविधियों का लाभ कैसे मिलेगा?

मॉडल स्कूल के छात्रों के लिए मोबाइल एेप के माध्यम से ऑनलाइन क्लास चालू की गई है। गांव की स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के पास मोबाइल सुविधा न होने से वे ऑनलाइन शिक्षा से नहीं जुड़ पा रहे हैं। एेसे छात्रों के लिए शिक्षा विभाग द्वारा दूरदर्शन पर क्लासरूम कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
टीपी सिंह, जिला शिक्षाधिकारी

Pushpendra pandey Desk
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