SATNA: खाद्यान्न परिवहन में लगे वाहनों को मिली नो-इंट्री छूट निरस्त

जांच में गड़बड़झाला पाने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

सतना. सिटी मजिस्ट्रेट संस्कृति शर्मा ने पीडीएस व्यवस्था में लगे वाहनों की नो-इंट्री की छूट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इन वाहनों की जांच में गड़बड़झाला मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया कि छूट प्राप्त ये वाहन खाद्यान्न परिवहन के प्रयोजन से इतर अन्य कार्यों में प्रयोग कर रहे हैं। स्थितियों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सभी छूट प्राप्त वाहनों की अनुमतियां निरस्त कर दी हैं। साथ ही इन वाहनों की अब नए सिरे से जांच का निर्णय लिया है। यह जांच 18 फरवरी को दादा सुखेंद्र सिंह स्टेडियम में की जाएगी।
बताया गया, अनुविभागीय दंडाधिकारी नगर को लगातार पीडीएस व्यवस्था में लगे वाहन (जिन्हें नो-इंट्री से छूट प्राप्त है) के अन्य प्रयोजन में चलने की शिकायत मिल रही थी। इस परिप्रेक्ष्य में उनके द्वारा जांच की गई। जांच में पाया कि नो-इंट्री छूट प्राप्त वाहन अपने निर्धारित प्रयोजन में उपयोग न किए जाकर अन्य कार्यों में उपयोग किए जा रहे हैं, जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इन्हें गोदामों (भंडार केन्द्रों) से खाद्यान्न परिवहन संबंधित अनुविभागों में शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर किया जाना चाहिए। नो-इंट्री छूट के दुरुपयोग की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने यातायात निरीक्षक को ऐसे सभी वाहनों की छूट निरस्त करने का लेख किया है। बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के पत्र क्रमांक 557/नो-इंट्री/2020 सतना, दिनांक 3 फरवरी 2020 एवं आदेश क्रमांक 561/नो-इंट्री/2020 सतना दिनांक 6 फरवरी 2020 से जारी नो-इंट्री की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाती है। इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद अब पीडीएस व्यवस्था में लगे वाहन नए आदेश जारी होने तक नो-इंट्री के दौरान शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

अब वाहनों में जीपीएस अनिवार्य

नो-इंट्री अनुमति निरस्त करने के साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला प्रबंधक नॉन को भी आदेश जारी किया है। उसमें चिह्नित वाहनों का नो-इंट्री अनुमति का दुरुपयोग का हवाला देते हुए कहा गया कि खाद्यान्न परिवहन कार्य के लिए चिह्नित ठेकेदारों के वाहनों की जांच करना अनिवार्य हो गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अब इन वाहनों में जीपीएस अनिवार्य होगा।
18 को होगी जांच
आदेश में सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि नई अनुमति जारी करने से पहले सभी खाद्यान्न परिवहन वाहनों को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना से 18 फरवरी मंगलवार को फिटनेस जांच करानी होगी। ठेकेदारों को चिह्नित वाहनों को जांच के लिए दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम में चेकिंग के लिए लाना होगा।

चेकिंग से पहले यह व्यवस्था अनिवार्य

सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि चेकिंग में लाने से पहले खाद्यान्न वितरण के लिए चिह्नित वाहनों को पेंट से 'अनुभाग .... के पीडीएस हेतु चिन्हित लिखना अनिवार्य होगा। सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, पीयूसी, इंश्योरेंस होना अनिवार्य है। सभी वाहनों में जीपीएस लगाकर जिला आपूर्ति अधिकारी के कार्यालय में रिले कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा संबंधित अनुविभाग के एसडीएम को परिवहन के पहले सूचना देना अनिवार्य होगा। खाद्यान्न वितरण की अनुमति हर माह की 25 तारीख से अगले माह की 5 तारीख तक या जिला आपूर्ति अधिकारी से अनुशंसित तिथियों पर ही दी जाएगी।
छूट प्राप्त वाहन में रेत का परिवहन, पुलिसकर्मी से अभद्रता
इधर, पीडीएस व्यवस्था के लिए लगे वाहनों की नो-इंट्री छूट का वाहन संचालकों द्वारा बेजा लाभ उठाया जा रहा था। हालात यह मिले कि इन वाहनों से रेत का भी परिवहन किया जा रहा था। ऐसा ही एक मामला सामने भी आया। खाद्यान्न परिवहन के लिएछूट प्राप्त वाहन में रेत का परिवहन किया जा रहा था, जिसे डायल 100 ने पकड़ लिया था। इस पर वाहन चालक ने रेत खाली कर गाड़ी किनारे खड़ी करते हुए अपने मालिक को सूचना दे दी थी। इस पर ट्रांसपोर्टर दिलीप जायसवाल का परिजन अपनी लग्जरी कार में आकर संबंधित डायल 100 के पुलिसकर्मी से न केवल अभद्र व्यवहार किया बल्कि जबरिया ट्रक छुड़ाकर ले गया था।

Ramashanka Sharma Reporting
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