51 स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस जारी, दूसरी स्कूलों में भेजे जाएंगे

शिक्षा: स्कूलों में एक भी एडमिशन नहीं होने के मामले में संभागायुक्त की सख्ती

By: Ramashanka Sharma

Published: 19 Jun 2019, 11:34 PM IST

सतना. बोर्ड परीक्षा में सतना सहित संभाग के खराब परिणामों को देखते हुए स्कूल शिक्षा में शैक्षणिक कसावट के लिए संभागायुक्त डॉ. अशोक भार्गव ने अभियान छेड़ रखा है। मंगलवार को उन्होंने जिले के शिक्षकों की बैठक लेकर खराब रिजल्ट की वजह जानने की कोशिश की थी। इसमें चौंकाने वाली स्थितियां सामने आई थीं। संभागायुक्त को बताया गया था कि जिले के 51 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में एक भी एडमिशन नहीं हुए हैं। जबकि, इन स्कूलों में करीब 54 शिक्षक हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को इन विद्यालयों के सभी शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी के साथ शोकॉज जारी करने के निर्देश संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा अंजनी त्रिपाठी को दिए हैं। साथ ही कहा है कि ऐसे शून्य एडमिशन वाले विद्यालयों के शिक्षकों को अन्य शून्य शिक्षकीय और एकल शिक्षकीय शालाओं में भेजा जाए। मामले को पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था।
दरअसल, मंगलवार को संभागायुक्त की बैठक में डीइओ द्वारा प्रस्तुत पावर प्वॉइंट प्रजेंटेशन में यह तथ्य सामने आया था कि जिले के 51 प्राथमिक और माध्यमिक शालाएं ऐसी हैं जहां शून्य एडमिशन हैं। जबकि यहां ५४ शिक्षक तैनात है। मामले के सामने आने पर संभागायुक्त ने संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों का एडमिशन न होना निश्चित तौर पर शिक्षकों की लापरवाही और अनदेखी है। ऐसे में इन विद्यालयों में पदस्थ सभी शिक्षकों को वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। संभागायुक्त जिस तरीके से स्कूल शिक्षा के सुधार का अभियान चला रहे हैं उससे नए शैक्षणिक सत्र में पठन पाठन व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद जगने लगी है। वहीं लापरवाह शैक्षणिक अमले में हड़कम्प मचा है।

कलेक्टरों को निर्देश, चिह्नित करें स्कूल

संभागायुक्त डॉ भार्गव ने रीवा संभाग के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उन स्कूलों को चिह्नित किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या शून्य हैं। इसके बाद भी वहां शिक्षक तैनात हैं। साथ ही कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में उपस्थिति शून्यता या कम उपस्थिति के कारणों का पता लगाते हुए वहां विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाना सुनिश्चित की जाए।
अतिशेष शिक्षकों का तैयार करें प्रस्ताव
संभागायुक्त ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्कूलों में तय से अधिक संख्या में शिक्षक तैनात हैं, वहां से इन शिक्षकों के आवश्यकतानुसार अन्य स्कूलों में पदस्थापना के प्रस्ताव बनाना सुनिश्चित करें। युक्तियुक्तकरण के तहत अतिशेष शिक्षकों को अन्यत्र भेजा जाए। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाए। साथ ही शिक्षा का स्तर सुधारने हेतु बेहतर शिक्षण व्यवस्था की जाए। संभाग के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा का बेहतर प्रबंधन करने के लिए उचित कदम उठाने के संयुक्त संचालक लोकशिक्षण को भी कहा है।

Ramashanka Sharma Reporting
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