गर्भवती को देखने से नर्स का इंकार, कहा-रात में नहीं देखूंगी, नहाना पड़ेगा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौंधा का मामला, प्रसव-पीड़ा होने पर परिजन लेकर पहुंचे थे अस्पताल

 

By: Balmukund Dwivedi

Published: 18 Dec 2018, 06:27 PM IST

सतना. प्रसव-पीड़ा से कराहती गर्भवती को लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौंधा पहुंचे। वहां स्टाफ नर्स ड्यूटी से गायब थी। परिजन उसके कमरे में पहुंचे और इलाज की गुहार लगाई। लेकिन, नर्स ने रात में इलाज तो दूर हाथ लगाने भी इंकार कर दिया। कहा, देखूंगी तो मुझे नहाना पड़ेगा। किसी तरह रात अस्पताल में गुजारो। सुबह अस्पताल आकर देखूंगी।

रात में किसी भी कीमत पर इलाज नहीं करूंगी।
दरअसल, दर्द से कराहती गर्भवती उमा देवी पति राम प्रसाद (25) निवासी वार्ड क्रमांक-४ बरौंधा को परिजन रविवार रात १२ बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरौंधा लेकर पहुंचे। वहां रात की पाली में स्टाफ नर्स रेखा वर्मा की ड्यूटी थी। जो ड्यूटी से गायब थी। पतासाजी कर परिजन उस अस्पताल परिसर स्थित क्वार्टर पहुंचे। गर्भवती की मां ने स्टाफ नर्स रेखा वर्मा के घर पहुंचकर इलाज करने के लिए हाथ जोड़े। लेकिन उसने एक न सुनी। परिजनों ने आरोप लगाया कि रेखा कह रही थी मैं अभी अस्पताल से आकर नहाई हूं। मेरी बच्ची भी रो रही है। तुम्हारी बेटी को देखूंगी तो मुझे फिर से नहाना पड़ेगा। किसी तरह अस्पताल में रात गुजारो। ज्यादा लोग हो तो घर चले जाओ, गर्भवती को यहीं रहने दो। सुबह आकर देखूंगी। रात में किसी भी कीमत पर इलाज नहीं करूंगी।

महीने में एक-दो बार आते हैं डॉक्टर
बरौंधा पीएचसी में कागजों में पदस्थापना डॉ संदीप द्विवेदी की है। गर्भवती की मां ने नर्स द्वारा की गई मनमानी की शिकायत भी दर्ज कराई। लेकिन किसी के खिलाफ गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई तो दूर खुद भी अस्पताल नहीं पहुंचे। दूसरे दिन यानी सोमवार को भी स्टाफ नर्स रेखा वर्मा ड्यूटी से गायब थी। जबकि चिकित्सक का वेतन भी पीएचसी से बनता है। ग्रामीणों की मानें तो डॉ संदीप महीने में एक-दो बार अस्पताल आते हैं। वह भी केवल उपस्थिति पंजी में दस्तखत करने।

Balmukund Dwivedi Desk
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