भैंस की तलाश में घर से निकले वृद्ध की पीट-पीटकर हत्या, कहीं डकैत के परिवार ने तो नहीं की वारदात!

भैंस की तलाश में घर से निकले वृद्ध की पीट-पीटकर हत्या, कहीं डकैत के परिवार ने तो नहीं की वारदात!
old man rods beaten to death in satna Pondi Dudaha Old man murder case

Suresh Kumar Mishra | Publish: Jul, 26 2019 01:31:52 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

नागौद थाना क्षेत्र के पोंड़ी चौकी अंतर्गत डुड़हा गांव का मामला

सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिला अंतर्गत भैंस की तलाश में घर से निकले एक वृद्ध की हत्या का मामला सामने आया है। बताया गया कि नागौद थाना क्षेत्र के पोंड़ी चौकी अंतर्गत डुड़हा गांव से लगे कुलगढ़ी बांध के पास वह गुरुवार की शाम भैंस की तलाश में गए थे। जब वह देर रात तक नहीं लौटे तो बेटों ने तलाश शुरू की। रात दो बजे के आसपास कुलगढ़ी जलाशय के पास पहुंचे तो वह खूल से लथपथ पड़े मिले।

आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे ने पुलिस के बयान में बताया है कि मृत्यु से पहले पिता जी यानी की बलराम पाण्डेय ने आरोपियों को पहचान लिया था। नागौद पुलिस ने एक संदेही को पकड़कर पूछताछ करते हुए पूरे मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

क्या है मामला
मृतक बलराम पाण्डेय 62 वर्ष के परिवारजनों ने बताया गया कि एक दिन पहले भैस लापता हो गई थी। दिनभर दूर-दराज के क्षेत्रों में तलाश करने के बाद गुरुवार की शाम 7 बजे घर के समीप स्थित कुलगढ़ी जलाशय में भैस की तलाश करने के लिए निकले थे। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके 2 बेटे और परिवार के अन्य लोग भी तलाश करने लगे। रात 2 बजे के करीब सभी लोग कुलगढ़ी बांध के पास पहुंच गए। जहां देखा कि बलराम पाण्डेय खून से लथपथ पड़े हुए है। तुरंत परिवार के सदस्यों ने एक वाहन में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने उपचार शुरू करने से पहले मृत घोषित कर दिया।

घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम
सुबह जैसे ही बलराम पाण्डेय के मौत की खबर क्षेत्र में फैली तो हड़कंप मच गया। जानकारी के बाद नागौद एसडीओपी रविशंकर पाण्डेय, नागौद थाना प्रभारी मनोज सोनी व पोंडी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचे तो 500 मीटर दूर एक छाड़ी में खून से लथपथ जूता और चश्मा मिला। आसपास पत्थरों में खून फैला हुआ दिखाई दिया। जबकि मृतक का मोबाइल मौके पर नहीं मिला। हत्या की बड़ी आशंका को लेकर फोरेंसिक टीम के अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह को जांच करने के लिए बुलाया गया। जो विभिन्न विंदुओं की जांच कर रहे है।

12 साल पहले हुआ एनकाउंटर तो वारदात की वजह नहीं!
मृतक के बेटे और परिवारजनों ने आशंका जताई है कि 12 वर्ष पहले क्षेत्र में डकैत कन्हैया कोल का आतंक था। जिसका एनकाउंटर तत्कालीन थाना प्रभारी इसरार मंसूरी द्वारा किया गया था। एनकाउंटर करने में मृतक बलराम पाण्डेय का भी सहयोग होने के कारण डाकू का परिवार उनसे रंजिश मानता था। डकैत का भतीजा गुस्साया हुआ था। वह अक्सर मौके की तलाश करता था। गांव के सूत्रों ने बताया कि बलराम पाण्डेय ने मरने से पहले अपने बेटे को पूरी कहानी बताई है।

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