सुरक्षा दायरे में होगा वनोपज संग्रहण, परिवहन, भंडारण

लॉकडाउन के दौरान संग्रहण, प्रसंस्करण, उपचारण, परिवहन, भंडारण व विपणन में संलग्न श्रमिकों व ग्रामीणों को संक्रमण से बचाने के लिए दिशा-निर्देश



By: Sonelal kushwaha

Updated: 18 Apr 2020, 10:52 PM IST

सतना. वनोपज संग्रहण का कार्य जिले में 25 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। राज्य शासन ने लॉकडाउन के दौरान लघुवनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, उपचारण, परिवहन, भंडारण और विपणन कार्य में संलग्न श्रमिकों व ग्रामीणों को संक्रमण से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन कार्यों के दौरान यदि किसी संग्राहक अथवा वनकर्मी में कोरोना वायरस के लक्षण दिखेंगे, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाएगा।

मास्क और गमछा निर्देशों का पालन
वन विभाग से जारी आदेश में लघु वनोपज संघ सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व जिपं सीईओ से कहा कि लघु वनोपज संग्रहण में संलग्न कर्मचारी, क्रेता व उनके प्रतिनिधि, श्रमिक व ग्रामीण अनिवार्य रूप से चेहरे को मास्क, फेसकवर, गमछा, रुमाल, दुपट्टे से ढंक कर रखेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए।

जारी होंगे फोटो परिचय पत्र
तेंदूपत्ता क्रेताओं व प्रतिनिधियों के लिए वनमंडल अधिकारी अथवा प्रबंध संचालक जिला यूनियन परिचय-पत्र जारी करेंगे। परिचय-पत्र को ही लघु वनोपज संग्रहण, परिवहन, भंडारण के लिए मान्य किया जाएगा। राजस्व व पुलिस प्रशासन को इन परिचय-पत्रों के संबंध में कलेक्टर द्वारा अवगत कराया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपजों के क्रय के लिए लघु वनोपज संघ द्वारा वन विभाग से व्यवस्थाएं की जाएंगी।

प्रत्येक केंद्र पर होगा सेनेटाइजर और साबुन
प्रत्येक संग्रहण व भंडारण केंद्र और गोदाम में सेनेटाइजर और साबुन रखा जाएगा। संबंधित के लिए आने और जाने, दोनों समय 20 सेकंड तक हाथ धोकर हाथ सेनिटाइज करना जरूरी होगा।

2-2 मीटर की दूर पर होंगे चूने के घेरे
वनोपज संग्रहण कार्यों में संलग्न सभी व्यक्ति आपस में कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाये रखते हुए काम करेंगे। प्रत्येक संग्रहण केंद पर 2-2 मीटर की दूरी पर चूने का घेरा बनाना अनिवार्य होगा। इसकी जिम्मेदारी केन्द्र प्रभारी की होगी।

Sonelal kushwaha Reporting
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