शहर सरकार के बचे सिर्फ 30 दिन, बैठक के इंतजार में अटके आधा दर्जन एजेंडे

परिषद की बैठक कराने निगम प्रशासन की हीलाहवाली, अध्यक्ष लाचार

By: Sukhendra Mishra

Published: 02 Dec 2019, 11:28 PM IST

सतना. शहर सरकार के 30 दिन और बचे हैं। नगर निगम की वर्तमान समिति का कार्यकाल २ जनवरी को समाप्त होने जा रहा है। लेकिन निगम प्रशसन द्वारा परिषद की बैठक आयोजित कराने में की जा रही हीलाहवाली के कारण आधा दर्जन एजेंडों को अभी भी परिषद की मंजूरी का इंतजार है। परिषद की बैठक की तारीख तय करने निगम अध्यक्ष एजेंडों पर चर्चा के लिए सूची उपलब्ध कराने विगत तीन माह में निगमायुक्त को तीन पत्र लिख चुके हैं। लेकिन तीन माह गुजर जाने के बाद भी निगम प्रशासन अध्यक्ष को चर्चा के लिए सूची उपलब्ध नहीं करा पाया। निगम प्रशासन द्वारा अध्यक्ष के पत्रों की अनदेखी में फंसी परिषद की बैठक कार्यकाल पूरा होने से पहले हो पाएगी या नहीं इसे लेकर असमंजस की स्थित बनी हुई है।

10 दिन बाद भी नहीं मिला जवाब

निगम अध्यक्ष अनिल जायसवाल ने 19 नवंबर को तीसरी बार निगमायुक्त को स्मरण पत्र जारी करते हुए अतिशीघ्र एजेंडों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिससे समय पर परिषद की बैठक बुलाई जा सके। लेकिन 10 दिन गुजर जाने के बाद भी निगम प्रशासन एजेंडों की सूची चर्चा के लिए अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाया। निगम अधिकारियों की इस तानाशाही के सामने अध्यक्ष भी लाचार नजर आ रहे हैं। एेसे में सवाल यह उठता है कि क्या बचे हुए तीस दिन में निगम अध्यक्ष परिषद की बैठक बुला पाएगे या शहर विकास के एजेंडों को स्वीकृति के लिए अगली समिति के गठन तक इंतजान करना पड़ेगा।
अधिकारी नहीं चाहते हो बैठक

निगम के पिछले सामान्य सम्मिलन में सदस्यों ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर निगम अधिकारियों को जमकर घेरा था। परिषद की फटकार एवं एक के बाद एक निर्माण कार्यो में किए गए भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर होने के बाद निगम अधिकारी बैकफुट पर आ गए थे। इसलिए निगम अफसर फजीहत से बचने परिषद की बैठक कराने टालमटोल कर रहे हैं।

शराब दुकान सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर होनी है चर्चा
नगर निगम में हर दो माह में परिषद की बैठक आयोजित होनी चाहिए। लेकिन निगम अफसरों की टाल मटोल के कारण पांच माह में एक भी बैठक नहीं हुई। इसलिए एमआईसी से स्वीकृत के लिए भेजें गए कई महत्वपूर्ण एजेंडे अटके हुए हैं। निगम सूत्रों ने बताया की परिषद में जिन एजेंडों पर चर्चा होनी है उनमें धवारी स्टेडियम स्थित निगम की दुकान में अवैध रूप से संचालित शराब दुकान का अनुबंध निरस्त करने का प्रस्ताव महत्वपूर्ण है। इसके अलावा बड़े निर्माण कार्य एवं अवैध रूप से बनाई गई विडिंग को गिनाने की मंजूरी का प्रस्ताव भी शामिल है।

वर्जन
परिषद की बैठक कराने से पहले एजेंडों की सूची पर चर्चा अनिवार्य है। सूची उपलब्ध कराने मैं निगमायुक्त को तीन माह में तीन पत्र लिख चुका हूं लेकिन अभी तक एजेंडे की सूची चर्चा के लिए नहीं रखी गई। बिना सूची पर चर्चा किए बैठक नहीं बुलाई जा सकती है। उम्मीद करता हूं कि एक दो दिन में निगमायुक्त सूची उपलब्ध करा देगे।

अनिल जायसवाल, अध्यक्ष नगर निगम

Sukhendra Mishra
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