श्रम कानूनों को निलंबित करने का विरोध

इंटक ने मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

By: Sonelal kushwaha

Published: 22 May 2020, 06:59 PM IST

सतना. भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के पदाधिकारियों ने मप्र यूथ विंग के प्रदेश सचिव अमन द्विवेदी व प्रदेश सचिव भारगेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एसडीएम पीएस त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कोरोना वायरस के बहाने तीन वर्ष के लिए निलंबित किए गए श्रम कानूनों को पूर्ववत बहाल करने का अनुरोध किया है। कहा, सरकार के इस निर्णय से मजूदरों का शोषण बढ़ेगा। साप्ताहिक अवकाश, ओवर टाइम ड्यूटी, तीन राष्ट्रीय अवकाश, आठ त्योहारी अवकाश, श्रमिक संगठनों के अधिकार, फैक्ट्री एक्ट 1948, ट्रेड यूनियन एक्ट 1926, मप्र औद्योगिक सम्बंध अधिनियम 1960, इंडियन डिस्प्यूट एक्ट 1947, ग्रेज्युटी एक्ट 1972 एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी आदेश निलंबित होने से उद्योगों में जंगलराज कायम हो जाएगा। सरकार के इस निर्णय से श्रमिकों व कर्मचारियों में असंतोष का महौल है। उन्होंने मांगें पूरी न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने में आनंद पांडेय, पार्थव सिंह बघेल, लकी चतुर्वेदी, अमित गौतम, सचिन केशरी, अभिषेक द्विवेदी, दिव्यांशु चतुर्वेदी, शिवांग खरे व अंकुश सोनी भी उपस्थित रहे।

मीटर रीडिंग नहीं
लॉकडाउन के चलते बीते दो माह शहर में बिजली मीटर रीडिंग नहीं हुई। उपभोक्ताओं को औसत बिल भेजे जा रहे हैं। इस माह भी मीटर रीडिंग को लेकर संशय बना हुआ है। अधिकारी जहां २० मई से मीटर रीडिंग शुरु कराने की बात कह रहे थे, वहीं मीटर वाचक संघ दो माह की पेमेंट का भुगतान किए बिना काम पर जाने को तैयार नहीं है। संघ के अध्यक्ष अरुण गौतम ने बताया कि पेमेंट के भुगतान के लिए विद्युत कंपनी के एमडी को पत्र लिखा गया है। यदि आज अधिकारी मीटर रीडिंग के लिए लिखित में आदेश व लॉकडाउन पास नहीं देंगे तो वाचक काम पर नहीं जाएंगे।

Sonelal kushwaha Reporting
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