शिकारियों के बिछाए जाल में फंसा तेंदुआ, 24 घंटे से ज्यादा फेसिंग तार में फंसे रहने से मौत

उत्तर वन मंडल के धरमपुर रेंज का मामला, सूचना के बाद भी नहीं बचा पाए वन विभाग के जिम्मेदार, मामले को छिपाने की कोशिश जारी

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत एक बार फिर शिकारियों ने फारेस्ट एरिया में बड़ी वारदात की है। बताया गया कि उत्तर वन मंडल के धरमपुर परिक्षेत्र में शिकारियों के बिछाए जाल में एक तेंदुआ फंस गया। 24 घंटे से ज्यादा फेसिंग तार में फंसे रहने के कारण तड़प-तड़प कर तेंदुआ की मौत हो गई। हालांकि वारदात के 36 घंटे बाद भी वन अधिकारियों ने तेंदुआ के मौत की पुष्टि नहीं की है।

जबकि चौकीदार और ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों को तेंदुआ के फंसे होने के फोटो और वीडियो भेजे थे। लेकिन कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। बल्कि तेंदुआ के मौत के मामले में लीपा-पोती शुरू कर दी है। पन्ना वन मंडल में लगातार जंगली जीव के शिकार की आ रही खबरों से भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है। छोटे अधिकारी से लेकर बड़े अधिकारी तक कुछ नहीं बोल रहे है।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर वन मंडल के धरमपुर रेंज एरिया के जंगल में शिकारियों द्वारा बिछाए फेसिंग तार में फंसने से एक तेंदुआ की मौत हुई है। कहते है कि तेंदुआ करीब 24 घंटे से ज्यादा समय तक फंसा हुआ था। वह धरमपुर के रमजीपुर के जंगल में शिकारियों के बिछाए फंदे में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। जबकि जंगल के चौकीदार और ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। लेकिन वन अमले द्वारा तेंदुए को बचाने की कोशिश नहीं की गई।

बीट गार्ड ने की औपचारिकता
सूत्रों की मानें तो धरमपुर रेंजर और बीट गार्ड बीती रात जंगल में तेंदुए के फंसने की खबर मिलने के बाद महज औपचारिकता पूरी कर वापस लौट आए थे। जबकि जंगल के चौकीदार व ग्रामीणों ने तेंदुए के फंसे होने की पुष्टि की थी। लेकिन वन अधिकारी जंगल में तेंदुआ होने की बात से इंकार कर रहे है।

वीडिया में ग्रामीणों ने बताया था घटनास्थल
बताया गया कि ग्रामीणों ने जंगल में फंसे तेंदुए के फुटेज भी उपलब्ध कराए थे। जिसमे एक तेंदुआ तार में फंसा था और घटनास्थल दिखाई दे रहा था। कहते है उस समय तेंदुआ जीवित था और उसकी मौत नहीं हुई थी। अभी भी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि तेंदुआ जीवित है अथवा मौत हो गई है। जबकि 36 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है।

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suresh mishra Reporting
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