कॉलेजी विद्यार्थियों को किया पटवारी परीक्षा ड्यूटी में तैनात, एक नजर में जानिए PEB की तकनीकी खामियां

ऑनलाइन पद्धति से 9000 से ज्यादा पदों के लिये होने जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा तकनीकी ऑब्जर्वर का पद खत्म किये जाने के बाद से विवादों में तो आ ही चुकी

By: suresh mishra

Updated: 09 Dec 2017, 11:53 AM IST

सतना। ऑनलाइन पद्धति से 9000 से ज्यादा पदों के लिये होने जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा तकनीकी ऑब्जर्वर का पद खत्म किये जाने के बाद से विवादों में तो आ ही चुकी है, सतना में एक और बड़ी अनियमितता सामने आई है। यहां के निजी कॉलेजों ने पटवारी चयन परीक्षा के पूर्व अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक सहित अन्य जांच के लिये कॉलेजी विद्यार्थियों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया है।

हद तो यहां तक हो गई कि तकनीकी ऑब्जर्वर की जगह तैनात किये गये सामान्य आब्जर्वर को ड्राई रन के संबंध में गलत जानकारी देकर सब कुछ सही बताने का प्रयास टीसीएस के कर्मचारी करते नजर आए। इसके अलावा कुछ केन्द्र में बिना ऑब्जर्वर के ही ज्यादातर कम्प्यूटरों का मॉक टेस्ट कर लिया गया।

जांच के लिए लापरवाहीपूर्ण तरीका

व्यापमं की तमाम सख्ती के बावूद निजी कॉलेज प्रबंधन द्वारा निगरानी व जांच के लिए लापरवाहीपूर्ण तरीका अपनाया गया है। स्थिति यह है कि विट्स कॉलेज में परीक्षा के पूर्व बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन और बॉयोमैट्रिक परीक्षण के लिये महाविद्यालय के विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।

प्रथम वर्ष के विद्यार्थी

जबकि, नियमानुसार इस कार्य के लिये संस्थान के अधिकृत कर्मचारी या उनकी संख्या कम होने या उपलब्धता नहीं होने पर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गये शासकीय सेवकों को तैनात किया जाना चाहिए। मिली जानकारी के अनुसार, जिन विद्यार्थियों की ड्यूटी बायोमैट्रिक जांच में लगाई गई है उनमें कई तो प्रथम वर्ष के विद्यार्थी है।

करते रहे गुमराह
तकनीकी ऑब्जर्वर की कमी भी स्पष्ट तौर पर देखी गई। रामा कृष्णा कॉलेज में तकनीकि आब्जर्वर के स्थान पर तैनात किए गए आब्जर्वर परीक्षा केंद्र में मॉक टेस्ट और ड्राई रन करने पहुंचे तो यहां टीसीएस के कर्मचारी उन्हें गलत जानकारी देकर ड्राई रन से बचने का प्रयास किया।

वायरस नहीं होने की जांच

स्थिति ये रही कि पहले तो तकनीकि जानकारी न रखने वाले आब्जर्वर को टीसीएस के कर्मचारियों ने मॉक टेस्ट व ड्राई रन को एक ही बताते रहे। बाद में ऑब्जर्वर ने अन्य जानकार लोगों से पुष्टि की तो पता चला कि ड्राई रन का काम संबंधित कम्प्यूटर कोई अन्य सॉफ्टवेयर और वायरस नहीं होने की जांच करना है। इसके लिए एक साफ्टवेयर होता है।

फर्जी परीक्षार्थी पकडऩे पर 1 लाख का इनाम
इस परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी या पररूपधारण संबंधी प्रकरण पकडऩे वाले को व्यापमं द्वारा ईनाम भी दिया जाएगा। फर्जीवाड़ा पकडऩे वाले को मंडल के नियमानुसार प्रवेश/पात्रता परीक्षा में 50,000 तथा भर्ती परीक्षा में एक लाख का पारितोषित दिया जाएगा।

ये हैं नियम
- मंडल की वेबसाइट से डाउनलोड टीएसी नहीं होने पर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे।
- अभ्यर्थी का जेंडर गलत होने पर नहीं दिया जाएगा प्रवेश।
- रिपोर्टिंग समय से 30 मिनट बाद आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश की पात्रता नहीं होगी।
- अभ्यर्थी का बायोमैट्रिक नहीं होने या मिलने पर परीक्षा की पात्रता नहीं होगी।
- परीक्षा केंद्र में मूल प्रवेश पत्र सहित मूल फोटो पहचान पत्र लेकर आना अनिवार्य होगा। इनमें मतदाता पहचान पत्र, पेनकार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट शामिल हैं।
- तीन बायोमैट्रिक परीक्षण पास करना अनिवार्य होगा। पहला रजिस्ट्रेशन डेस्क पर, दूसरा परीक्षा कक्ष/लैब में प्रवेश पर तथा तीसरा परीक्षा के दौरान रेंडम पद्धति से तथा अंतिम परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षा कक्ष से निकलने के समय किया जाएगा।
- दूसरे बायोमैट्रिक जांच के बाद परीक्षा समाप्ति तक अभ्यर्थी लैब नहीं छोड़ सकेगा।

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