पीएम आवास के बदले गरीबों से वसूले जा रहे 5 से 10 हजार रुपए, न देने पर निकाल रहे खामियां

पीएम आवास के बदले गरीबों से वसूले जा रहे 5 से 10 हजार रुपए, न देने पर निकाल रहे खामियां
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Suresh Kumar Mishra | Updated: 27 May 2019, 12:47:48 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

सीएमओ ने निजी कंपनी के आला अधिकारियों को लिखा पत्र

सतना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास के बदले गरीबों से वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक निजी कंपनी के कर्मचारी जियो ट्रैकिंग के बदले राशि की डिमांड करते हैं। उचेहरा नगर परिषद के सीएमओ ने इस बात की शिकायत कंपनी के आला अफसरों व नगरीय प्रशासन के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखा है। हालांकि, अब तक किसी ने कार्रवाई नहीं की।

क्या है पूरा मामला
उचेहरा नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-15 निवासी कुछ हितग्राहियों ने बताया कि कंपनी के कर्मचारी पांच से 10 हजार रुपए की डिमांड कर रहे हैं। 22 अप्रैल को उन्होंने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में व 30 अप्रैल को निकाय कार्यालय में करी है। वहीं पार्षद ने 3 मई को सीएमओ को प्रेषित पत्र लिखकर वसूली करने वाले कर्मचारियों को हटाने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। गत वर्ष स्वीकृत हुए एक हजार में से अब तक 845 हितग्राहियों को प्रथम किस्त, 618 को दूसरी व 595 को ही तीसरी किश्त मिली है।

प्राइवेट एजेंसी कर रही जियो ट्रेकिंग
रीवा की इंजीआइएस प्रा. लिमिटेड कंसल्टेंट शंकर राठौर व राजू कुशवाहा को फील्डवर्क व एमआईएस फीडिंग के लिए नगर परिषद में रखा है। इनके प्रतिवेदन पर ही शासन से स्वीकृति राशि हितग्राहियों के खाते में भेजी जाती है। लेकिन उक्त कर्मचारियों द्वारा जियो टेकिंग के नाम पर मोटी रकम की डिमांड करते हैं। न देने पर निर्माण में खामियां बताकर भुगतान रोक दिया जाता है। प्रशासन जो भी तर्क दे, लेकिन हकीकत ये है कि क्षेत्र में सैकड़ों हितग्राही हैं। जिनकी तीसरी व चौथी किश्त नहीं मिली। जिस कारण वह आर्थिक बोझ तले दब गया है।

शासन की महत्वाकांक्षी योजना में हो रही वसूली
गरीबों की समस्या को लेकर सीएमओ ने 3 मई को कंपनी के आरई को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि दोनों कर्मचारी शासन की महत्वाकांक्षी योजना को पूर्ण करने में रुचि नहीं दिखा रहे। हितग्राहियों से वसूली की शिकायत भी मिल रही है। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को निकाय से हटाकर अन्य कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री को भी दी इस संबंध में जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की है।

मुझसे जियो टेकिंग करने के नाम पर कई बार रकम मांगी गई। न देने पर किश्त रोक देने की धमकी दी। सीएम हेल्पलाइन व निकाय कार्यालय में शिकायत की है।
विकास ताम्रकार, हितग्राही का पुत्र

आवास स्वीकृत होने तक कोई परेशानी नहीं हुई। अब तक 1 लाख 80 हजार मिल चुके हैं। अंतिम किश्त देने में तरह तरह की खामियां निकाली जा रही हैं। योजना के हिसाब से जगह कम बताकर कुछ खर्चा मांगा जा रहा है।
मिठाईलाल साहू, हितग्राही

मजदूरी करके किसी तरह परिवार चलाते हूं। निर्धारित जगह के हिसाब से ही निर्माण कराया है। काफी फैसा कर्ज लेकर लगाने पड़े हैं। लेकिन चौथी किश्त रोक दी गई।
ईश्वरदीन साहू, हितग्राही

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