शिक्षा विभाग की अब तक की सबसे बड़ी खबर, मध्यप्रदेश में 35 हजार स्कूल होंगे मर्ज, एक स्कूल-एक परिसर योजना लागू

अब एक पाली में चलेंगे सरकारी स्कूल, मर्ज होंगे 600 से ज्यादा विद्यालय, एक स्कूल-एक परिसर नीति को लागू करने की योजना

By: suresh mishra

Published: 30 Dec 2018, 01:33 PM IST

सतना। अब सरकारी स्कूल एक ही पाली में एक ही परिसर में चलेंगे। उसकी कमान वरिष्ठ प्राचार्य के हाथों में होगी। यह प्रक्रिया एक विद्यालय एक परिसर के तहत की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक, माध्यमिक व हाइ स्कूलों को हायर सेकंडरी स्कूल में मर्ज किए जाने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। अब प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के बच्चों को हाई और हायर सेकंडरी के शिक्षक पढ़ाएंगे। इससे स्कूल की शिक्षा में सुधार होगा। इसके तहत प्रदेश के लगभग 35 हजार स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है और 9340 प्रधानाध्यापक अब शिक्षक बन गए हैं।

सतना जिले में 600 से अधिक स्कूल
सतना में 600 से अधिक स्कूल हैं, जिन्हें मर्ज किया जा रहा है। प्रदेशभर के 34,997 स्कूलों को 15,961 स्कूलों के परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। इससे प्रदेश के 19,961 स्कूल बंद हो जाएंगे। जिले के 600 से ज्यादा स्कूलों को एकीकृत होने के बाद 330 स्कूलों के परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। यानी जिले के करीब 300 प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल बंद हो जाएंगे। उदाहरण के रूप में सोहवाल ब्लॉक के 120 प्राथमिक स्कूल बंद होंगे।

बैठने में होगी परेशानी
एक पाली में स्कूल के संचालित होने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। सतना समेत प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने की कम जगह होने से सभी जिलों में ऐसा कर पाना संभव नहीं होगा। दो पाली में चल रहे स्कूलों का एक में चलने से पढ़ाई का एक ही टाइम टेबल होगा। अगर प्राथमिक या माध्यमिक स्कूल में बच्चे ज्यादा और शिक्षक कम हैं, तो योग्यता के आधार पर हाइस्कूल के शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे। किसी स्कूल में शिक्षक ज्यादा और बच्चे कम हैं तो यहां के शिक्षक या प्रधानाध्यापक को खाली पदों वाले स्कूल में पदस्थ किया जाएगा।

आदेश भी जारी
स्कूल शिक्षा विभाग ने एकीकृत व्यवस्था के तहत दो शिफ्ट में लगने वाले स्कूलों को एक शिफ्ट में लगाने के आदेश जारी करते हुए व्यवस्था पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्कूल की कमान वरिष्ठ स्कूल के प्राचार्य व हेडमास्टर के हाथों में होगी। स्कूल में यदि एक ही विषय के दो शिक्षक हैं, तो उनका स्थानांतरण अन्य स्कूलों में कर दिया जाएगा।

फंड भी एक ही खाते में ...
एक परिसर में सभी स्कूल चलने से जहां अलग-अलग स्कूलों को मिलने वाला फंड एक ही स्कूल बैंक खाते में आएगा। इससे स्कूलों का मरम्मत कार्य ठीक से हो पाएगा। हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग स्कूलों की व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कर रहा है।

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