ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा निजी विद्यालय, सीईओ बोले- हमारी जानकारी में नहीं

ग्राम पंचायत के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा निजी विद्यालय, सीईओ बोले- हमारी जानकारी में नहीं
Private school operating in community building of village panchayat

Suresh Kumar Mishra | Publish: Jun, 04 2019 07:29:17 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

600 रुपए मासिक किराए की हो रही वसूली

सतना। कलेक्टर के आंगनबाड़ी भवनों को शासकीय भवनों में संचालित करने एवं पंचायत भवन को नियमित खोलने के आदेश का असर रहा कि एक बड़े मनमानी राज का खुलासा हुआ है। इसमें चौकाने वाला मामला यह सामने आया है कि गत पांच सालों से ग्राम पंचायत बेला के सामुदायिक भवन में सरस्वती विद्यालय का संचालन हो रहा है। हद तो यह है कि इसके लिए बकायदे स्कूल संचालक से 600 रुपए किराया भी लिया जा रहा है।

जनपद सीइओ को दी लिखित जानकारी

ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं है। ग्राम रोजगार सहायक की माने तो इसकी लिखित जानकारी जनपद सीइओ को दी गई थी लेकिन उन्होंने भवन खाली कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। अब एक बार फिर से संचालक को भवन खाली करने सचिव द्वारा लिखा गया है लेकिन अभी स्कूल संचालक भवन खाली करता नहीं दिख रहा है।

सचिव इस बात से इंकार कर रहा है

अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बेला में सरस्वती विद्यालय को ग्राम पंचायत ने शासकीय सामुदायिक भवन किराए पर दे रखा है। हालांकि वर्तमान सचिव इस बात से इंकार कर रहा है और उसका कहना है कि न तो उसने किराये में किसी निजी संस्था को सामुदायिक भवन दिया है और न ही पंचायत में कोई किराया जमा हो रहा है। बताया गया कि सामुदायिक भवन में सरस्वती शिशु मंदिर (ग्राम भारती) विद्यालय का लगभग 6 साल से संचालन हो रहा है।

ग्रामीणों को नहीं मिलता उपयोग में

इस वजह से न तो सामुदायिक भवन ग्रामीणों की सामुदायिक गतिविधियों के उपयोग में आ रहा है और न ही इसका अन्य शासकीय कामों में उपयोग हो रहा है। बताया गया है कि कलेक्टर सतेन्द्र सिंह ने जब पंचायत भवन नियमित खुलने और आंगनबाड़ी भवनों को रिक्त शासकीय भवनों में संचालित करने के निर्देश हुए तो ग्राम पंचायत बेला के सामुदायिक भवन में चल रहे सरस्वती विद्यालय का मामला सामने आया।

ग्राम पंचायत भवन में आंगनबाड़ी केन्द्र

दरअसल बेला ग्राम पंचायत भवन में आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन किया जा रहा था। सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को ग्राम पंचायत भवन से आंगनबाड़ी खाली करते हुए इसका संचालन सामुदायिक भवन में करने के निर्देश दिए। लेकिन इस दौरान पता चला कि यहां सरस्वती विद्यालय संचालित हो रहा है।

भाजपा सरकार में जबरिया कब्जा
ग्रामीणों ने बताया कि भाजपा सरकार में स्कूल संचालक ने जबरिया कब्जा कर लिया था। यहां से तत्कालीन सरपंच सचिव को प्रभाव में लेकर विद्यालय का संचालन करने लगा था। अब खुद को बचाने के लिये उप सरपंच को नियमित तौर पर राशि भी देता है। इसकी पुष्टि स्कूल संचालक द्वारा सचिव को लिखे गए पत्र से होती है। जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि उसके द्वारा नियमित 600 रुपये किराया दिया जा रहा है। सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या किसी सामुदायिक भवन को निजी विद्यालय संचालन के लिये किराए पर दिया जा सकता है। इतने सालों से यह भवन किराए में चलता रहा तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अमला और अधिकारी क्या कर रहे थे?

जनपद सीईओ ने दबाया मामला
इस मामले में रोजगार सहायक से दिनेश साकेत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां काफी पहले से विद्यालय संचालित है। जब भी इसे खाली करने को कहा जाता है तो संचालक बात टाल देता है। उसे जनवरी माह में नोटिस भी दिया गया था तो भी उसने खाली नहीं किया। इसकी सूचना तत्कालीन जनपद सीईओ को लिखित में दी गई। लेकिन जनपद सीईओ ने भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब फिर से नोटिस दे रहे हैं।

मामला हमारी जानकारी में नहीं है। जैसा बताया जा रहा है तो इसका अगले दिन पता लगाया जाएगा। सामुदायिक भवन में निजी विद्यालय संचालित नहीं हो सकता है। अगर ऐसा हो तो उसे खाली करना होगा।
साकेत मालवीय, जिपं सीईओ

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned