बच्चों से फीस वसूल रहे निजी स्कूल, शिक्षकों को दिया अस्थाई अवकाश

लॉकडाउन में दोहरा मुनाफा

By: Sonelal kushwaha

Published: 18 Apr 2020, 02:09 AM IST

मैहर. लॉकडाउन के चलते बीते २५ दिन से पूरा देश घरों में कैद है। काम धंधे भी बंद हैं। ऐेसे में लोगों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने टैक्स, किराया व विद्यार्थियों की फीस माफ करने की अपील की है, लेकिन कुछ निजी स्कूल संचालक आपदा की स्थिति में दोहरा मुनाफा कमाने की तैयारी में हैं। वे ऑनलाइन होमवर्क कराने का हवाला देकर बच्चों से फीस तो वसूल रहे हैं। लेकिन स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को वेतन न देना पड़े, इसके लिए दो महीने का उन्हें अस्थायी अवकाश दे दिया है।

विधायक ने जताई नाराजगी
निजी स्कूल संचालक के इस रवैये पर मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने आपत्ति जताई है। अभिभावकों में भी नाराजगी है। बताया कि स्कूल फीस जमा करने का दबाव बना रहे हंै। ऐसे स्थिति में कहां से रुपए। एक माह से काम धंधे बंद हैं। ऐसे में खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मई-जून व अप्रैल की फीस माफ करने की मांग की है।

शिक्षकों पर दोहरी मार
निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो उन्हें विद्यालय से वेतन की उम्मीद नहीं है। ऊपर से लाकडाउन के चलते उनके ट्यूशन क्लास व अन्य बाहरी सोर्स से भी इंकम नहीं ले पा रहे, जिससे परिवार के भरण पोषण की चुनौती सामने आ गई है।

मध्यमवर्गीय की मरन
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह लॉकडाउन कब तक चलेगा कहा नहीं जा सकता। सरकार भी इसीलिए गरीबों को 3 महीने का राशन मुहैया करवा रही है। वहीं अन्य जरूरी सामान पहुंचा रही है। इससे गरीब परिवारों की दिक्कतें कुछ कम हुई हैं। लेकिन मध्यम वर्गीय परिवार परेशान हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।

Sonelal kushwaha Reporting
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