देश-विदेश में शिक्षा और उपलब्धियों से लबालब है डॉ. राजेन्द्र सिंह का जीवन

देश-विदेश में शिक्षा और उपलब्धियों से लबालब है डॉ. राजेन्द्र सिंह का जीवन

Suresh Kumar Mishra | Publish: Apr, 26 2017 01:41:00 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

चार बार विधायक, दोबार मंत्री रहे और वर्तमान में विस उपाध्यक्ष हैं डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह (Dr. Rajendra Kumar Singh), मेकेनिकल इंजीनियर, ऑटो इंजीनियरिंग के साथ पीएचडी भी हैं।

67 साल के डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह (Dr. Rajendra Kumar Singh) मप्र विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं। उनका जीवन उच्च शिक्षा और उपब्धियों से लबालब है। अमरपाटन तहसील के जुडमनिया गांव की पैतृक प्रतापगढ़ी में 3 सितंबर 1950 को उनका जन्म हुआ। पिता शिवमोहन सिंह पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी थे। जो बाद में विधायक भी चुने गए।

राजेन्द्र कुमार सिंह कुशाग्र बुद्धि के बहुआयामी नेता है। समर्थक और कांग्रेस के कार्यकर्ता ही नहीं उन्हें चाहने वाले 'दादाभाईÓ के नाम से बुलाते हैं। छात्र जीवन में राजेन्द्र सिंह हॉकी और क्रिकेट के कुशल खिलाड़ी रहे हैं। ज्यादातर शिक्षा भोपाल में हुई। यहां कॉलेज में पढ़ते हुए उन्होंने हॉकी और क्रिकेट की टीम का उज्जैन तथा भोपाल विवि में प्रतिनिधित्व किया।

1972 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग
उच्च शिक्षा के मामले में वे बेहद समृद्ध हैं। हायर सेकंडरी के बाद 1972 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली। फिर, दो साल कनाडा में गुजारे। ऑटो मैनेजमैंट में डिप्लोमा किया। और, टोरंटों में 6 माह तक केनेडियन टायर कार्पोरेशन में बतौर सॢवस एडवाइजर जॉब किया। लौटे तो 1978 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ली। राजनीति के साथ कृषि और व्यापार संभाला।

इन देशों की यात्राएं की
सियासत की पहली सीढ़ी चढ़ते हुए मप्र राज्य विपणन संघ के संचालक मंडल के सदस्य बने। साथ ही दुनिया को देखने और समझने की ललक के चलते राजेन्द्र सिंह ने यूएसए, इंग्लैड, फ्रांस, स्विटजरलैंड, जर्मनी, जापान, रूस, बुल्गारिया और रोमानिया की यात्राएं कीं। सन 1980 में वल्र्ड पीस कौंसिल के भारतीय शिष्ट मंडल में शामिल किए गए और विदेशों की यात्रा की।

10वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित
मिलनसार स्वभाव के चलते राजेन्द्र सिंह ने अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के बीच बतौर कांग्रेस नेता मजबूत पकड़ बनाई। पहली बार 1993 में 10वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित होकर दिग्विजय मंत्रिमंडल में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बने। उसके बाद 1996 से उन्हें इसके अलावा पर्यावरण विभाग भी दे दिया गया।

सियासी सफलता

1996 में ही तत्कालीन राष्ट्रपति स्व. शंकरदयाल शर्मा ने उन्हें 'इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड' से सम्मनित किया। 1998 में 'पं. रविशंकर शुक्ल उत्कृष्ट मंत्री पुरस्कार' दिया गया। 2003 में सिंह 12वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। और फिर अमरपाटन विस क्षेत्र के मतदाताओं ने उन्हें 2013 में भी विधानसभा भेजा। चार बार विधायक चुने गए राजेन्द्र कुमार सिंह को 10 जनवरी 2014 को मप्र विधान सभा का उपाध्यक्ष बनाया गया।

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