रीडिंग हैबिट है बड़े काम की

जीवन में बड़े-बड़े बदलाव के लिए सबसे बेहतर काम

 

By: Jyoti Gupta

Published: 03 Jan 2019, 01:46 PM IST

सतना. पढ़ाई के बाद यदि आपने पढऩा-लिखना छोड़ दिया है तो इसे फि र से शुरू करें। एक्सपर्ट का कहना है कि पढऩे से दुनिया की जानकारी मिलती है। यहां तक तो ठीक है लेकिन पढऩे से आपके जीवन में कई स्तरों पर बदलाव आते हैं। यह आपको तनाव से भी बचाता है और हमेशा आपको दुनिया से एक कदम आगे रखता है। अगर नियमित रूप से सोने से एक घंटा पहले किताब के कुछ पन्ने पढ़ते हैं तो आपका दिमाग रिलैक्स तो होता ही है साथ ही आप तनाव को भी दूर रख सकते हैं ।

मिलेगी शांति
अगर आप अपनी आदत में रीडिंग को शामिल करते हैं तो आपको अपने दिमाग को शांत करने में बहुत ही सहायता मिलेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आप किताब पढ़ते हैं तब आप पूरी तरह से उस किताब से जुड़ जाते हैं जो आपको अपनी हकीकत की दुनिया से कुछ देर के लिए बाहर ले जाने में मदद करती है। इससे आपका दिमाग शांत होता है। इसलिए रोजाना एक घंटा आप किताब पढऩे के लिए निकालें ।

दिमागी कसरत के लिए बेस्ट

जिस तरह से शारीरिक रूप से पूरे शरीर की एक्सरसाइज करते हैं, ताकि आप पूरे दिन सही तरीके से काम कर सकें उसी तरह दिमाग की एक्सरसाइज करना भी बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि दिमागी कसरत के लिए किताब से बेहतर और कोई उपाय नहीं है। इससे न केवल आपके ब्रेन का विकास होगा, बल्कि आपकी समझ भी बढ़ेगी। लगातार इस तरह की प्रैक्टिस ब्रेन से संबंधित किसी भी समस्या से आपको बचाएगी। यह खासकर बुजुर्गों के लिए बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा पढऩे से आपके अंदर एकाग्रता बढ़ती है, क्योंकि जब आप पढ़ रहे होते हैं तो आपका ध्यान एक ही तरफ केंद्रित होता है।

सीख लेंगे नए-नए शब्द
अक्सर लोगों की इस बात की शिकायत होती है कि हमारे पास बोलने की लिए या अच्छे लेखन के लिए शब्दों की कमी पड़ जाती है। लेकिन आप नियमित रूप से एक घंटे पढऩा शुरू कर दें तो आपके शब्दों का भंडार बढ़ता है। आप नए-नए शब्द सीखते हैं। साथ ही कम्युनिकेशन लेवल भी बढ़ता है। शब्दों का भंडार आपके लेखन को और ज्यादा बेहतर बनाने में सहायता करता है।


बढ़ती है विश्लेषण करने की क्षमता

कई बार लोगों की समस्या के बारे में पता होता है, लेकिन उसका हल कैसे निकाला जाए या फि र उसका किस तरह से विश्लेषण किया जाए इस बारे में उन्हें पता नहीं होता। किताब पढऩे से अपने अंदर विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ती है। जब आप इस तरह की एक्सरसाइज करते हैं तो आप विश्लेषण करने के काबिल हो जाते हैं ।


तनाव कम करने में मददगार
पढ़ाई करना नियमित रूप से तनाव को कम कर सकता है और चिंता से छुटकारा पाने का आसान तरीका है। यह दुनिया की नई जानकारी प्राप्त कर आपकी कई तरह की समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। इसकी मदद से आप मानसिक तौर पर हल्का महसूस करते हैं और अच्छी नींद आती है। इसलिए जब आपको सोना हो तो उससे एक घंटे पहले टेलीविजन फ ोन या लैपटॉप को दूर करें और पढऩा शुरू कर दें।

Jyoti Gupta
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