चित्रकूट मंथन से निकला आरएसएस का मिशन 2025, हर गांव में ध्वज प्रणाम का संकल्प

स्थापना के 100 वें साल तक हर गांव में पहुंचने का लक्ष्य
देश व्यापी जनजागरण अभियान सितंबर से होगा प्रारंभ

ढाई लाख स्थानों पर प्रशिक्षित कार्यकर्ता करेंगे अभियान की शुरुआत

कोरोना मदद के सहारे लोगों तक अपनी पैठ बढ़ाएगा संघ

डिजिटलाइजेशन जरिये साइबर स्पेस में भी दखल

By: Ramashanka Sharma

Published: 12 Jul 2021, 02:18 AM IST

सतना. प्रांत प्रचारकों की अखिल भारतीय बैठक में हुए मंथन के बाद सरसंघचालक मोहन भागवत ने आरएसएस के मिशन 2025 पर अपनी सहमति दे दी है। प्रभु श्रीराम की कर्मभूमि चित्रकूट में यह निर्णय संघ के स्थापना दिवस के 100 वर्ष पूरे होने को देखते हुए लिया गया है जो वर्ष 2025 में होगा। इस मिशन का लक्ष्य है कि 2025 तक देश के हर गांव में संघ की पहुंच हो जाए। इसके लिए देशव्यापी जनजागरण अभियान की शुरुआत सितंबर 2021 से होगी। यह शुरुआत ढाई लाख स्थानों से प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं द्वारा की जाएगी। इनका प्रशिक्षण अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा लोगों तक अपनी पैठ बनाने के लिए संघ कोरोना जागरुकता को भी माध्यम बनाएगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत अपनी राष्ट्रीय टोली के साथ चित्रकूट में संगठनात्मक मजबूती को लेकर वृहद चिंतन कर रहे हैं। इसमें देश भर के क्षेत्र प्रचारक और प्रांत प्रचारक भी शामिल है। आरोग्य धाम में चल रही इस अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक का मुख्य विषय आधिकारिक तौर पर संगठनात्मक मुद्दे ही बताए जा रहे हैं, लेकिन अगले साल उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर संघ की रणनीति पर चर्चा के कयास भी लगाए जा रहे हैं। पहले दो दिन की बैठक में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को लेकर संघ की आगामी भूमिका क्या होगी इस पर मंथन होना तो बताया गया है। लेकिन इसके निहितार्थ पर नजर डाले तो यह संगठनात्मक विस्तार की कवायद है। कोरोना काल के बाद से संघ की शाखाओं में नियमितता में कमी आई है तो संपर्क भी घटा है। ऐसे में लोगों तक पहुंचने के लिए अब संघ कोरोना को ही अपना माध्यम बनाएगा। संघ के कार्यकर्ता मैदानी स्तर पर जहां कोरोना से मदद को लेकर लोगों के बीच पहुंचेगे। इसके लिए देशव्यापी कार्यकर्ता प्रशिक्षण आयोजित कर ढाई लाख स्थानों पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सितंबर में संघ वृहद जनजागरण अभियान चलाने जा रहा है जिसके जरिये हर गांव हर बस्ती तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

मिशन 2025 पर गहन विमर्श
वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होने जा रहे है। इसको लेकर संघ की बैठक में वृहद मंथन किया गया। इस पर यह निर्णय लिया गया है कि हर गांव हर मंडल तक ईकाई शाखा को मजबूत किया जाए। नीचे तक संघ की पकड़ और पहुंच ज्यादा से ज्यादा होने को लेकर लंबी चौड़ी योजना तैयार किये जाने पर वृहद विमर्श किया गया है। इस मामले पर स्वयं संघ प्रमुख और राष्ट्रीय टोली गंभीरता से काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश से होगी शुरुआत

माना जा रहा है इस संपर्क पहुंच की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी जहां अगले साल चुनाव होने हैं। इसके बहाने संघ अपनी जमीन पकड़ बनाते हुए जमीनी हालातों से और करीब से वाकिफ हो सकेगा जो आगे की चुनावी रणनीति में सहायक होगा। यह भी कहा जा रहा है कि संघ अब डिजिटलाइजेशन की दिशा में भी तेजी से बढ़ने की तैयारी में है और सोशल मीडिया के जरिये साइबर स्पेस में अपना प्रभावी दखल पर मंथन कर रहा है।

असंतोष पर संघ का मरहम
कोरोना की दूसरी लहर में उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर जमीनी स्तर पर जनमानस में असंतोष बढ़ा है। यह असंतोष उत्तर प्रदेश चुनावों पर असर डाल सकता है। लिहाजा संघ अखिल भारतीय बैठक में इसकी काट की तैयारी कर ली है। हालांकि इस काट को संगठनात्मक चोला पहनाया गया है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के आधिकारिक बयान में बताया है गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना करने के लिए देशव्यापी कार्यकर्ता प्रशिक्षण का आयोजन करेगा। इस प्रशिक्षण से प्रशिक्षित कार्यकर्ता लगभग ढाई लाख स्थानों पर पहुंचेंगे। उन्होंने संघ की 39 हजार शाखाओं में 27 हजार के पुनः मैदान में प्रारंभ होने की जानकारी दी। इससे कयास लगने शुरू हो गये हैं कि संघ की यह कवायद उत्तर प्रदेश सहित अन्य चुनावों को लेकर है। इसके पीछे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच कर अपनी रीति नीति से न केवल अवगत कराना है बल्कि लोगों के मन में संघ के सेवा भाव से अपने प्रति जुड़ाव महसूस कराना भी है।
सेवा कार्यों का खोला गया बहीखाता
संघ की प्रांत प्रचारक बैठक में कोरोना की दूसरी लहर से उत्पन्न परिस्थितियों की व्यापक रूप से चर्चा हुई तथा प्रांतो में हुए सेवा कार्यों की समीक्षा की गयी। स्वयं सेवकों द्वारा संचालित वैक्सीन टीकाकरण के लिए सुविधा केंद्र व प्रोत्साहन के अभियानों की भी समीक्षा की गयी। माना जा रहा है कि इस दौरान प्रांत प्रचारकों से यह जानने की भी कोशिश की गई की दूसरी लहर में केन्द्र सरकार के कामकाज को लेकर जनमानस की क्या प्रतिक्रिया है। इसको लेकर कयास है कि संघ यह जानना चाह रहा है कि लोगों की सोच केन्द्र सरकार को लेकर क्या है ताकि आगे इसे सुधारने की रणनीति तय की जा सके।
सरकारी गैप को भरेंगे संघ कार्यकर्ता
कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए पूरे देश में शासन-प्रशासन का सहयोग करने एवं संभावित पीड़ितों की सहायता के लिए विशेष कार्यकर्ता प्रशिक्षण का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है । ऐसी परिस्थिति में समाज का मनोबल बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी जानकारी उचित समय पर लोगों तक पहुंचाने यह प्रशिक्षित कार्यकर्ता लगभग 2.5 लाख स्थानों तक पहुंचेंगे । इस संबंध में कहा जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में कोरोना पीड़ितों तक सरकारी सिस्टम नहीं पहुंच पा रहा उन्हें चिन्हित कर संघ कार्यकर्ता आवश्यक मदद पहुंचाएंगे और अपना संवाद स्थापित करेंगे।

यह होगा जनजागरण का स्वरूप

जनजागरण अभियान में हर गांव व हर बस्ती में स्वयं सेवी लोगों और संस्थाओं को जोड़ा जाएगा। माना जा रहा है कि इसके जरिये संघ हर घर में अपनी दस्तक देते हुए अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण में कोरोना से बचाव के लिए बच्चों व माताओं के लिए विशेष रूप से आवश्यक सावधानियां व उपायों को शामिल किया गया है।
शाखाओं को तेजी से प्रारंभ करने तैयारी
इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि कोरोना प्रकोप समाप्त होने के बाद स्थितियां सामान्य हो रही हैं। लिहाजा अब तेजी से संघ वापस मैदान में अपनी शाखाओं का संचालन प्रारंभ करे। बैठक में संबंधित पदाधिकारियों ने बताया कि देश भर में वर्तमान में कुल 39,454 शाखाएँ संचालित हो रही है जिसमें 27,166 शाखाएँ अब मैदान में लग रही है। संघ ने कोरोना काल में डिजिटल तकनीकि को बडे पैमाने पर अपनाया है। इस संबंध में बताया गया कि देशभर में 12,288 ई-शाखाएं चल रही है। साप्ताहिक मिलन की संख्या 10,130 बताई गई जिसमें प्रत्यक्ष मैदानी मिलन 6510 पुनः प्रारंभ हो गए हैं साथ ही 3620 ई-मिलन चल रहे हैं। कोरोना लॉकडाऊन काल में विशेष रूप से प्रारंभ हुये कुटुंब मिलन देश भर में 9637 हैं।
सोशल मीडिया में सक्रियता बढ़ेगी
यह जानकारी भी सामने आई है कि संघ जमीनी स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ साइबर स्पेस में भी प्रभावी भूमिका में आना चाह रहा है। कई प्रांत प्रचारकों ने इस संबंध में सुझाव भी दिए हैं। जिसको लेकर अब संघ के कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया में भी सक्रिय करने पर विचार किया जा रहा है। लिहाजा आगामी समय में भाजपा की आईटी विंग की तरह संघ की डिजिटल टोली देखने को मिले तो कई बडी बात नहीं होगी।
वर्चुअल जुड़े प्रांत प्रचारक
रविवार को हुई बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ राष्ट्रीय टोली के पदाधिकारी व अन्य अपेक्षित पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। वहीं प्रांत प्रचारकों ने वर्चुअल रूप से इस बैठक में अपनी उपस्थिति दी। इस संबंध में आरोग्यधाम के बैठक कक्ष में आवश्यक इंतजाम किये गए हैं।

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