मैहर में संत रविदास महाकुंभ के लिए मांगे साढ़े 3 करोड़ रुपए, आयुक्त ने मांग पर खड़े किए सवाल

मैहर में संत रविदास महाकुंभ के लिए मांगे साढ़े 3 करोड़ रुपए, आयुक्त ने मांग पर खड़े किए सवाल

suresh mishra | Publish: Sep, 10 2018 12:47:57 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

मैहर में संत रविदास महाकुंभ के लिए मांगे साढ़े तीन करोड़ रुपए, आयुक्त ने मांग पर खड़े किए सवाल

सतना। चुनावी साल में सरकार विकास योजनाओं से इतर जातिगत कार्यक्रमों में दिलचस्पी दिखा रही है। आयोजनों में पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा। इसका खुलासा जिलास्तर पर होने वाली मांग से हो रहा है। हाल में सतना में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ के लिए 70 लाख रुपए से ज्यादा के आवंटन को अनुमति मिल चुकी है। दूसरी ओर मैहर में संत रविदास महाकुंभ आयोजन के लिए भी जिलास्तर से 3.45 करोड़ रुपए की मांग की गई है। इतनी भारी भरकम राशि को देखकर संचालनालय की सांसें फूल गई हैं। अब आयुक्त ने इस प्रस्ताव को गलत ठहराते हुए पुनर्विचार करने कलेक्टर को वापस भेज दिया है।

ये है मामला
जानकारी के अनुसार, 2016 में अजा-अजजा वर्ग का वृहद सम्मेलन किया गया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने यहां हर साल संत रविदास महाकुंभ के आयोजन की घोषणा की थी। उसी परिप्रेक्ष्य में इस वर्ष 28 अगस्त को महाकुंभ का आयोजन होना था। हालांकि कतिपय कारणों से नहीं हो सका। लेकिन इस आयोजन को लेकर एक बड़ा खुलासा भी सामने आया है।

मैहर में प्रथम आयोजन

जिलास्तर से इसके लिए 3.45 करोड़ रुपए की मांग आयुक्त अनुसूचित जाति विकास भोपाल से की गई थी। इतनी बड़ी राशि को देखकर संचालनालय का माथा भी ठनका और पुराने कार्यक्रमों का हिसाब पलटा गया। इसमें पाया गया कि 22 फरवरी 2016 को संत रविदास महाकुंभ का मैहर में जो प्रथम आयोजन किया गया था उसके लिए 101.20 लाख रुपए प्रदान किए गए थे।

3.45 करोड़ की मांग अत्यधिक

इस पर महज 52 लाख रुपए ही व्यय हुए थे। इस खर्च को देखकर अब संचालनालय ने आपत्ति जाहिर कर दी है। आयुक्त अनुसूचित जाति विकास ने सतना कलेक्टर को कहा कि पूर्व के खर्चे को देखने के बाद इस बार के लिए 3.45 करोड़ की मांग अत्यधिक है। इसलिए 2015-16 में किए गए व्यय को देखते हुए 2018-19 के लिए की गई मांग का परीक्षण कर युक्तियुक्त प्रस्ताव भेजा जाए।

हर जिले से आएंगे हितग्राही
10 सितंबर को स्थगित किए गए पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में प्रदेश के प्रत्येक जिलों से हितग्राहियों को लाया जाएगा। महाकुंभ में प्रत्येक जिले से योजनाओं से लाभान्वित 250-250 हितग्राहियों को लाया जाएगा। इसके लिए हर जिले में 5-5 बसों की व्यवस्था करने एक लाख रुपए के मान से 40 लाख रुपए की राशि जारी कर दी गई है। जिन जिलों से हितग्राही लाए जाने हैं उनमें बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, भिण्ड, भोपाल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, देवास, धार, डिंडौरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, होशंगाबाद, इंदौर, झाबुआ, खण्डवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, सिवनी, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोकनगर, बुरहानपुर, अलीराजपुर और आगर मालवा शामिल हैं।

पिछड़ा के बाद होगा रविदास महाकुंभ...
10 सितंबर को सतना में होने वाले पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया है। जल्द ही इसकी नई तिथि घोषित होगी। माना जा रहा कि पिछड़ा वर्ग महाकुंभ के बाद मैहर में संत रविदास महाकुंभ का आयोजन होगा।

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