MP में बलराम चला रहा था ISI का नेटवर्क, पहुंचा रहा था खुफिया जानकारी

मध्यप्रदेश से पाकिस्तान पहुंच रही थी खुफिया जानकारी, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और सतना से एटीएस ने पकड़े 13 संदिग्ध, जासूस से 60 बैंक खाते व सिम कार्ड मिले, टेलीफोन एक्सचेंज व फर्जी नामों से ली गई सैकड़ों सिम बरामद।


सतना।
एटीएस ने प्रदेश में चल रहे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दल ने भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सतना से कुल 13 लोगों को पकड़ा है। ये लोग आईएसआई को सेना की खुफिया सूचनाएं मुहैया कराते थे। जासूसी के काम में टेलीफोन एक्सचेंज और उसके कर्मचारियों की मदद ली जा रही थी।

बदले में पाकिस्तान से हवाला के जरिए रकम पहुंचाई जाती थी। यह रकम सतना निवासी बलराम सिंह के जरिए प्रदेश में फैले पूरे नेटवर्क तक पहुंचती थी। यह खुलासा एटीएस आईजी संजीव शमी ने गुरुवार को मीडिया के सामने किया।

बलराम के पास 60 बैंक खातों का रिकॉर्ड, बड़ी संख्या में सिम, मोबाइल फोन और फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज सिस्टम बरामद हुए हैं। पकड़े गए छह लोगों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एटीएस रिमांड पर भेज दिया गया।

ये लोग पकड़े गए
जिन लोगों को पकड़ा गया है उनमें भोपाल से तीन, ग्वालियर से पांच, जबलपुर से दो और सतना से तीन लोग शामिल हैं। इनमें से छह बलराम सिंह (सतना), कुश पंडित, जितेंद्र ठाकुर, रीतेश खुल्लर, जितेंद्र यादव और त्रिलोक सिंह भदौरिया (पांचों ग्वालियर) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।  अदालत ने बलराम को 14 फरवरी तक और अन्य पांच को 12 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है।

सतना से दो और संदिग्ध हिरासत में
सतना के पॉश इलाके संग्राम कालोनी में किराए के मकान से बलराम सिंह टेरर फंडिंग के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसने बकायदा कमरे में एक्सचेंज भी लगा रखा था। एटीएस की गिरफ्त में आए बलराम ने कई अहम जानकारियां दी हैं। जिसके बाद उससे जुड़े नेटवर्क को खंगाल रही एटीएस की टीम ने दो और संदेहियों राजेश जायसवाल व राजीव को भी हिरासत में ले लिया है।

परिवार के लोग अनजान
सतना के कोटर थाना अंतर्गत छोटे से गांव सुहास निवासी बलराम गुरुवार को उस समय सुर्खियों में आया जब एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी का खुलासा किया। परिवार के लोग भी अनजान थे। पिता शिवकुमार सिंह, पत्नी और बेटी के साथ सुहास गांव में ही रहते हैं। जबकि बेटा संग्राम कालोनी में किराए के मकान में रहता था।

सबको पैसा पहुंचाता था बलराम
आईजी एटीएस संजीव शमी ने बताया, जम्मू में पकड़े गए सतविंदर और दादू को सतना का बलराम पैसे  पहुंचाता था। उसे विभिन्न खातों में यह रकम पाकिस्तान से भेजी जाती थी। इसी काम के लिए कई खाते खोल रखे थे। वह पाक के लिए सूचना जुटाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों को हवाला से रकम पहुंचाता था। आईएसआई के संपर्क में वह इसी माध्यम से था।

एेसे हुआ खुलासा
जम्मू में सतविंदर और दादू के पकड़े जाने के बाद उत्तरप्रदेश, दिल्ली और मध्यप्रदेश से तार जुड़े। केंद्रीय खुफिया एजेंसी, जम्मू पुलिस और उत्तरप्रदेश की एटीएस से मिली सूचनाओं के आधार पर एटीएस ने पड़ताल की और शहरों से इन लोगों को उठा लिया। शमी ने बताया कि सतविंदर एवं दादू द्वारा पाकिस्तान के हैण्डलर्स के कहने पर सामरिक महत्व की सैन्य सूचनाएं इकट्ठा की जा रही थी। वह पुलों, कैम्पों आदि की तस्वीरें, जानकारियां, सेना एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों के वाहनों की जानकारियां जुटाकर पाकिस्तान भेजी जा रही थी।

बाइक का शौकीन बलराम
स्टाइलिश अंदाज में रहनेवाला बलराम बाइक का बड़ा शौकीन है। वह गांव भी महंगी बाइक से जाता था। उसके फोटो एलबम में भी ऐसी तस्वीरें मिलीं हैं। ग्वालियर से पकड़े गए पांच लोगों में एक भाजपा पार्षद का रिश्तेदार है। पकड़े गए आरोपियों में से छह को अदालत ने पुलिस रिमांड पर सौंपा है।

देश में 98 से ज्यादा अवैध एक्सचेंज
प्रदेश में पाकिस्तानी एजेंट्स के लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चल रहे हैं। यहां से रोजाना सैकड़ों विदेशी कॉल लोकल कॉल्स में बदल जाते हैं। सूत्रों के अनुसार देशभर में इनकी संख्या 98 से ज्यादा है। जांच में खुलासे के बाद देश की खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
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suresh mishra
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