सतना जिला कांग्रेस को लगता है चक्काजाम आंदोलन से डर...!

पूरे प्रदेश में 6 फरवरी को किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस का ‘चक्काजाम’ लेकिन सतना में ‘परिवहन गति अवरुद्ध’ आंदोलन अपील। इस अपील से पसोपेश में कांग्रेसी। समझ नहीं आ रहा इस नई शब्दावली वाले आंदोलन में करना क्या है। उधर कई कांग्रेसियों का कहना है कि मुकदमे से डरे पदाधिकारी नये शब्द गढ़ आंदोलन की धार कुंद कर रहे।

By: Ramashanka Sharma

Published: 05 Feb 2021, 01:33 AM IST

सतना. केन्द्र की भाजपा सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में मध्यप्रदेश कांग्रेस भी 6 फरवरी को प्रदेशस्तरीय चक्काजाम आंदोलन करने जा रही है। लेकिन सतना में पूरे प्रदेश से हटकर परिवहन गति अवरुद्ध आंदोलन की सूचना जारी की गई है। अब इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पशोपेश में है तो कुछ ने कहा है कि यह जिले के उन पदाधिकारियों का इजाद किया हुआ शब्द है जिसे जनहित में आवाज बुलंद करने के दौरान पुलिसिया कार्रवाई से डर लगता है।

प्रदेश कांग्रेस के निर्देश से उलट जिला कांग्रेस का प्रेस नोट

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल किसान यूनियनों ने 6 फरवरी को चक्काजाम आंदोलन का ऐलान किया है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस भी इस आंदोलन का समर्थन करने जा रही है। इसके लिये कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने पूरे प्रदेश में सभी जिलों में 6 फरवरी को चक्काजाम आंदोलन करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन सतना जिले में जिला कांग्रेस के अधिकृत प्रेस नोट में कहा गया है कि किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस जिले में परिवहन गति अवरुद्ध आंदोलन करेगी।

कांग्रेसियों से की गई अपील

इस आंदोलन के लिए जिलाध्यक्ष ग्रामीण दिलीप मिश्रा और शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से अपने अपने क्षेत्र में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सड़कों में परिवहन गति अवरुद्ध आन्दोलन को सफल बनाने की अपील की है। कहा गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने के लिए जिस प्रकार से आमादा है उसका जबाब किसानों के समर्थन से अब सड़कों पर देना आवश्यक हो गया है।
पसोपेश में कांग्रेसी
इधर इस मामले को लेकर कांग्रेसी पसोपेश में है। उनका कहना है कि जिस परिवहन गति अवरुद्ध आंदोलन का समर्थन करने कहा गया है वह समझ में ही नहीं आ रहा है। इसमें करना क्या है इसे लेकर लोग स्पष्ट नहीं हैं। उधर शहर के कुछ वरिष्ठ कांग्रेसियों ने कहा कि कांग्रेस को बेदम कर चुके पदाधिकारी अब व्यापक जनहित में लड़ाई लड़ने का भी साहस खो चुके हैं इसलिए किसी भी तरह के मुकदमे और सरकारी तंत्र की कार्रवाई से बचने अपने तरीके के शब्द गढ़ रहे हैं।

'' चक्काजाम और परिवहन गति अवरुद्ध दोनों का एक ही आशय है। कुछ लोगों को घर बैठ कर मीन मेख निकालने की आदत होती है। कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह संजीदा है। ''
- दिलीप मिश्रा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

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