पार्क निर्माण में भ्रष्टाचार पर पार्षदों का हंगामा, 10 दिन में तीसरी बार बजट बैठक स्थगित

पार्क निर्माण में भ्रष्टाचार पर पार्षदों का हंगामा, 10 दिन में तीसरी बार बजट बैठक स्थगित
satna Suspended budget meeting for third time in 10 days

Sukhendra Mishra | Updated: 15 Jun 2019, 12:04:56 AM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

परिषद की बैठक से महापौर का किनारा: पहली बार प्रथम नागरिक की गैर मौजूदगी में चला सदन

सतना. निगम प्रशासन द्वारा तीन माह की देरी से परिषद में स्वीकृ ति के लिए रखे गए वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट को पार्षदों की नजर लग गई है। बजट पास करने के लिए परिषद अध्यक्ष विगत दस दिन में तीन बार बैठक बुला चुके हैं पर सड़क, पानी और बिजली को लेकर पार्षदों के हंगामे के कारण बजट पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। गुरुवार को आयोजित निगम परिषद की तीसरी बजट बैठक एक बार फिर हंमागे की भेंट चढ़ गई। वार्ड 23 के पार्षद नीरज शुक्ला ने हवाई पट्टी में अमृत योजना के तहत बन रहे पार्क के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पार्क निर्माण की फाइल सदन में रखने की मांग की। अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्क प्रभारी नागेन्द्र सिंह को पार्क से जुड़ी सभी फाइलें सदन में रखने के निर्देश दिए। लेकिन ईई ने पार्क की फाइल महापौर के घर में रखी होने की बात कहते हुए सदन को उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त की।

अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे पार्षदों से बजट पर चर्चा आगे बढ़ाने को कहा पर पार्षद इस बात पर अड़े रहे कि जब तक पार्क निर्माण की पूरी जानकारी मय दस्तावेज सदन में नहीं रखी जाएगी, तब तक वह सदन नहीं चलने देंगे। बार-बार कहने के बाद भी जब पार्षद सदन चलाने में सहयोग के लिए राजी नहीं हुए तो अध्यक्ष अनिल जायसवाल ने ईई को अगली बैठक में पार्क की फाइलों के साथ उपस्थित होने के निर्देश देते हुए परिषद की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।

महापौर ने किया किनारा
नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के बीच की गुटबाजी गुरुवार को एक बार फिर तब खुलकर सामने आ गई जब महापौर ममता पाण्डेय परिषद की बैठक में शामिल नहीं हुईं। पांच साल में पहली बार महापौर की गैरमौजूदगी में परिषद की बैठक आयोजित की गई। इससे पहले 11 जून को आयोजित बैठक महापौर एवं निगमायुक्त के उपस्थित न होने के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। गुरुवार को बैठक में उनके शामिल होने की पूरी उम्मीद थी पर वह बैठक में शामिल नहीं हुईं। बैठक में महापौर की अनुपस्थिति को लेकर निगम कार्यालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का बाजार गर्म रहा।

अवैध होर्डिंग पर अधिकारियों को घेरा
बजट पर चर्चा के दौरान पार्षद शिवशंकर गर्ग ने शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर सड़कों से गरीबों के ठेले और झोपड़ी हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में सैकड़ों अवैध होर्डिंग्स लगी हैं। इनकी जानकारी होने के बाद भी आज तक अतिक्रमण दस्ता एवं राजस्व की टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। निगम अधिकारियों की शह पर शहर में अवैध होर्डिंग का कारोबार फलफूल रहा है। मामले को संज्ञान में लेते हुए अध्यक्ष ने अतिक्रमण दस्ता प्रभारी को कार्रवाई करते हुए तीन दिन में शहर की सभी अवैध होर्डिंग्स हटाने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने भी अधिकारियों से अवैध होर्डिंग्स की जानकारी तलब की।
मीट मार्केट बन गया बारात घर

पार्षद कुदरत उल्ला बेग ने नजीराबाद में निर्मित मीट मार्केट की ओर सदन का ध्यान खींचते हुए कहा कि बार-बार परिषद में प्रस्ताव पास होने के बाद भी मीट मार्केट चालू नहीं हो पाया। निगम प्रशासन की अनदेखी के कारण लाखों रुपए से निर्मित मीट मार्केट बारात घर में तब्दील हो गया है। इसलिए मीट मार्केट की दुकानों को किराए पर दिया जाए। शहर की सड़कों पर खुले में अवैध रूप से सज रही मीट दुकानंे हटने से लोगों को राहत मिलेगी। शहर स्वच्छ दिखेगा। अध्यक्ष ने निगमायुक्त से मीट मार्केट की दुकानें किराए पर देने आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

मृत पशु शहर की बड़ी समस्या
पार्षदों ने मृत पशु उठाने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी को घेरने की कोशिश की। पार्षदों ने पूछा कि मृत पशु उठाने का ठेका अब तक क्यों नहीं हुआ? इस पर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि आठ बार टेंडर हो चुके हंै। कोई ठेकेदार सामने नहीं आ रहा। इसलिए वह स्वयं मृत पशु उठावते हैं। पार्षदों ने कहा कि मृत पशु शहर की सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए इसे गंभरता से लेते हुए शिकायत मिलते ही तुरंत मृत पशु उठाने की व्यवस्था की मांग की। परिषद ने एक मृत पशु वाहन खरीदने का प्रस्ताव पास किया।

60 फीसदी कचरे का उठाव नहीं

डोर-टु डोर कचरा कलेक्शन के नाम पर निगम कर्मचारियों द्वारा कालोनी के रहवासियों से प्रति माह की जा रही 30 रुपए की वसूली पर परिषद निगम अधिकारियों को परिषद के विरोध का सामना करना पड़ा। अध्यक्ष ने ठेका कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलोनियों में 60 फीसदी घरों से कचरा उठाता ही नहीं फिर वसूली किस बात की। अध्यक्ष ने कचरा कलेक्शन के नाम पर हो रही वसूली को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए।

पैचवर्क को लेकर 20 मिनट तक हो-हल्ला
नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र सिंह ने पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों का बारिश से पहले पैचवर्क कराने का मुद्दा उठाया तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। पार्षदों ने कहा कि हर बैठक में खोदी गई सड़कों की मरम्मत का मुद्दा उठाया जाता है। आज तक एक भी सड़क में पैचवर्क का कार्य पूरा नहीं हुआ। खोदी गई सड़कों की मरम्मत को लेकर लगभग 20 मिनट तक सदन में हंगामा होता रहा। अंत में अध्यक्ष ने सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराने के आश्वासन के बाद सदन की कार्रवाई आगे बढ़ी।

 

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