बच्चों को बचाएं मोबाइल के दुष्प्रभाव से

बच्चों को बचाएं मोबाइल के दुष्प्रभाव से
save children with the effect of mobile

Jyoti Gupta | Publish: Apr, 09 2019 09:54:25 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

स्कूल खुल चुके हैं, पढ़ाई हो सकती है प्रभावित

युवाओं के लिए खतरा, हो सकती हैं मानसिक और शारीरिक बीमारी

सतना. टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण जगह बना ली है। खासतौर पर लैपटॉप और मोबाइल। इसमें भी मोबाइल ने तो जैसे हमारे जीवन के हर क्षेत्र में अपनी घुसपैठ कर ली है। घड़ी से लेकर कैलेंडर तक और डिक्शनरी से लेकर बुक तक के लिए हम इस पर पूरी तरह से डिपेंड हो चुके हैं। युवा तो युवा बच्चे भी बुरी तरह से इसके गिरफ्त में फंस चुके हैं। इसके लाभ है तो हानि भी कम नहीं है। अब यह हर वक्त हमारे पास उपलब्ध रहता है। जिसके चलते हम सबका जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।

पढ़ाई पर पड़ रहा बुरा असर

स्कूल खुल चुके हैं अभी भी स्कूली बच्चों का ध्यान पढ़ाई में कम मोबाइल में अधिक रहता है। इससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित होती है। जुलाई लास्ट वीक से नए सेशन की फस्र्ट एग्जाम भी शुरू हो जाएंगे। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर बच्चा मन लगा कर पढ़ाई करता है। तो उसके एग्जाम समय में परेशानी नहीं होती, लेकिन जो बच्चे अभी मोबाइल में बिजी रहते हैं उनके लिए यह समस्या बन सकता है। इसलिए बच्चों को मोबाइल से बिल्कुल दूर रखें। इसका बुरा असर मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से हो सकता है।

मोबाइल को रखे अपने से दूर

शहर के डाक्टर अरविंद श्रीवास्तव का कहना कि कुछ युवा हर वक्त मोबाइल फ ोन को साथ रखते हैं। सुविधा के लिए वे इसे जेब में भी रख लेते हैं, लेकिन क्या उन्हें यह पता है कि जेब में फ ोन रखना कितना सुरक्षित है। जेब में मोबाइल फ ोन रखने से मोबाइल तो सुरक्षित रहता है लेकिन इसका असर हमारी सेहत पर अच्छा नहीं पड़ता है। जब हम अपने मोबाइल को पॉकेट में रखते हैं तो इससे निकलने वाली रेडिएशन का असर हमारे शरीर पर होता है, जो अच्छा नहीं होता है। मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन और ट्यूमर का गहरा संबंध है । यही नहीं मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन से डीएनए की संरचना भी प्रभावित होती है। मोबाइल फ ोन के दुष्प्रभाव केवल ट्यूमर और हृदय संबंधी बीमारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि जब हम मोबाइल को पेट की जेब में रखते हैं तो इससे हड्डियों पर काफ ी बुरा असर पड़ सकता है । यदि आपको लगता है कि पेंट की पिछली जेब में मोबाइल रखकर आप खुद को सुरक्षित रख सकते तो आप गलत है क्योंकि पीछे की पॉकेट या जेब में मोबाइल रखने से कमर दर्द की समस्या हो सकती है । इस तरह मोबाइल आपकी सेहत के लिए असुरक्षित बनता जा रहा है।

अपने बच्चों को भी बचाएं इससे

मोबाइल फ ोन बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदेह है । एक अध्ययन से पता चला है कि मोबाइल फ ोन का उपयोग करने वाले बच्चों में मस्तिष्क और कान में नॉन मेली अगेन टयूमर विकसित होने की आशंका रहती है ।

- डब्ल्यूएचओ ने सेलफ ोन रेडिएशन को कैंसर के लिए जिम्मेदार बताया है। बड़ों की तुलना में बच्चे का मस्तिष्क रेडिएशन को 60 प्रतिशत से अधिक अवशोषित करता है।

- किशोरों की तरह यदि बच्चे भी मोबाइल फ ोन के आदी हो चुके हैं तो इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। वह मोबाइल फ ोन पर गेम खेलते हैं। चैट करते हैं और अपने दोस्तों से हर समय बात करते हैं ।

- सेल फ ोन का उपयोग बच्चों को अनुचित व्यवहार में शामिल होने का कारण बन सकता है। सेल फ ोन या मोबाइल फ ोन से बच्चा अश्लील साइट तक भी पहुंच सकता है।

इस तरह बरते सावधानी

- यदि आपका बच्चा 16 साल से कम उम्र का है तो उसे सेल फ ोन न दें।

मोबाइल रेडिएशन के प्रभाव का सामना करने के लिए एक बच्चे का दिमाग बहुत संवेदनशील होता है ।

- यदि बच्चा किसी सगे संबंधी से थोड़ा बात करना चाहता है तो डायरेक्ट फ ोन पर बात करने की वजह से यूट्यूब से हेडसेट लगा कर दें।

- अपने बच्चों को बसों और ट्रेनों, कारों और लिफ्ट में कॉल करने से रोके।

- सिग्नल कमजोर होने पर अपने बच्चे को सेल फ ोन का उपयोग न करने दें।

- आप भी अपने बच्चों के सामने बहुत ही कम फ ोन को यूज कीजिए।

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