29 साल की उम्र में महिला ने की दो बार शादी, प्यार में रुकावट बनी मासूम तो घोटा ममता का गला

प्रेम में पागल मां ने 'ममता' का घोटा था गला, चित्रकूट परिक्रमा मार्ग पर हुई हत्या का खुलासा

By: suresh mishra

Published: 10 Feb 2018, 01:26 PM IST

सतना। चित्रकूट परिक्रमा मार्ग पर करीब एक माह पहले हुई बालिका की हत्या मामले का नयागांव पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। मां ने ही प्रेमी के साथ मिलकर अपनी बेटी की हत्या की थी। वह भी इसलिए कि बेटी मां के प्रेमी को पिता कहने से इंकार करती रही। पहले पति को छोडऩे के बाद महिला प्रेमी के प्यार में इस तरह पागल हुई कि उसने ममता का गला घोंट दिया।

वारदात को उसने प्रेमी के साथ ही अंजाम दिया। कामतानाथ परिक्रमा पथ पर शव को ऊंचाई से फेंकने के बाद मौके से दोनों फरार हो गए। नयागांव थाना पुलिस ने बताया, 13-14 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 12 बजे अपराध को अंजाम दिया गया था। रात के अंधेरे में दोनों मौके से भाग गए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 के तहत कार्रवाई कर अदालत में पेश कर दिया गया है। वहां से उन्हें जेल भेजा दिया गया।

पाइप से लटका था शव
नयागांव पुलिस ने 14 जनवरी की सुबह कामतानाथ परिक्रमा मार्ग पर द्वितीय मुखारबिंद से कुछ दूरी पर नृसिंह मंदिर के पास से बालिका का शव बरामद किया था। हत्या के बाद बालिका का शव परिक्रमा मार्ग से ही ऊंचाई से झाडि़यों में फेंका गया था। लेकिन, बायां पैर पाइप में अटका और शव झूलता रहा। मृतका के मुंह में कपड़ा ठूसा गया था और गले में भी एक कपड़ा बंधा था।

सीसीटीवी से मिला सुराग
परिक्रमा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में फुटेज देखने के बाद पुलिस को पता चला था कि बालिका परिवार के साथ चित्रकूट आई थी। सीसीटीवी में उसके साथ नजर आए एक महिला व पुरुष की पहचान के प्रयास किए गए तो पता चला कि दोनों आंखों की जांच कराने जानकीकुंड अस्पताल भी गए थे। इस तरह पुलिस ने इनके नाम पते जाने और फिर आरोपियों तक पहुंचने दबिश देना शुरू किया। एसपी सतना ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

पति को छोड़कर आई
बालिका के साथ सीसीटीवी में नजर आए पुरुष की पहचान विजय सिंह पुत्र चंद्रपाल सिंह (30) निवासी एझी थाना असोथर जिला फतेहपुर उप्र के रूप में हुई। महिला की पहचान सबीना शेख उर्फ आरती सिंह पत्नी जाहिद अली (29) निवासी ललौली जिला फतेहपुर उप्र के रूप में की गई। पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि आरती सिंह का पहला नाम सबीना शेख है। उसकी शादी ललौरी के जाहिद अली से हुई थी। जाहिद से सबीना को दो बच्चे हुए। 2007 में सिमरन को जन्म दिया और 2013 में साजिद को। 2015 में जाहिद को छोड़ सबीना अपने प्रेमी विजय के पास आ गई।

सिमरन को मारने की साजिश

वहां उसने साजिद का नाम आशीष और खुद का आरती रख लिया था। पुलिस ने बताया, सिमरन बड़ी हो चुकी थी। एेसे में वह विजय को अपना पिता मानने से इंकार करती थी। इसी बात को लेकर आरती और विजय के बीच अनबन होने लगी। एेसे में आरती और विजय ने मिलकर सिमरन को मारने की साजिश रची। सुनियोजित तरीके से विजय, आरती चित्रकूट आए। आंख का इलाज कराने के बहाने 12 जनवरी को चित्रकूट पहुंचे। वहां बच्चों को लेकर जानकीकुंड अस्पताल गए। 13 जनवरी वहीं वारदात को अंजाम दिया।

इधर, मृत युवक की पहचान तक नहीं
बालिका की हत्या से पहले घटना स्थल से करीब ढाई सौ मीटर की दूरी पर ही पुलिस ने पूर्व में एक युवक का शव बरामद किया था। 10 दिसंबर को युवक का शव मिलने के बाद अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। सीसीटीवी फुटेज मिलने से नाबालिग बालिका की हत्या करने वालों तक तो पुलिस पहुंच गई लेकिन मृत युवक की पहचान तक नहीं हो सकी है। पुलिस आज भी मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए अंधेरे में तीर चला रही है। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

परिक्रमा पथ पर रात में रुके थे
परिक्रमा करने के बाद रात में वहीं ठहरने का निर्णय लिया। इसलिए उन्होंने नृसिंह मंदिर के पास ही डेरा जमाया और सो गए। रात करीब 12 बजे जब बेटी सिमरन सो गई, तो सबीना व विजय ने मफलर से बेटी का गला दबा दिया।

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