व्यापारियों को ट्रेडमार्क -पेटेंट की बताई प्रक्रिया

चेम्बर भवन में सेमिनार: उद्योग जगत की बताई बारीकियां

By: Sajal Gupta

Published: 27 Nov 2019, 06:12 PM IST

सतना. विंध्य चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज भवन में मंगलवार को ट्रेडमार्क, कॉपीराइट व पेटेंट आदि बौद्धिक संपदा अधिकार पर सेमिनार हुआ। एमएसएमई विकास संस्थान इंदौर, जिला उद्योग संघ व जिला व्यापार उद्योग केन्द्र के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में शहर के कई उद्योगपति व व्यापारियों ने हिस्सा लिया। जिला उद्योग संघ के जिलाध्यक्ष गोपी गेलानी ने स्वागत भाषण दिया। सहायक निर्देशक निलेश त्रिवेदी ने भारत सरकार के आईपीआर क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी। बताया कि सरकार द्वारा ट्रेडमार्क प्राप्त करने के लिए १० हजार, पेटेंट प्राप्त करने के लिए एक लाख व इंटरनेशनल पेटेंट के लिए पांच लाख रुपए एवं जीआई रजिस्ट्रेशन के लिए दो लाख रुपए का भुगतान किया जाता है। उन्होंने एमएसएमई इंदौर स्थित एक्सपोर्ट सुविधा केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। सहायक निर्देशक राजकुमार मोहनानी ने बताया कि भारत सरकार क्लस्टर के लिए १५ करोड़ के प्रोजेक्ट पर १० करोड़ अधोसंरचना के लिए सब्सिडी दी जाती है। ६ से १० उद्योगों के लिए लीन मैन्युफेक्चरिंग में कंसलटेंट फीस के रूप में ८० फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है। सीजीटीएमएसई स्कीम के तहत बिना गारंटी ऋण योजना का भी लाभ ले सकते हैं। इसमें एक करोड़ तक की मशीनरी के लिए १५ फीसदी तक की सब्सिडी दी जाती है। उद्यमियों की सहायता के लिए इंदौर में एमसएमई विकास इंदौर में उद्यमिता विकास केन्द्र स्थापित किया गया है।
मप्र काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी (एमपीसीएसटी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एनके चौबे ने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट व डिजाइन के महत्व एवं पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने इसके उल्लंघन की स्थिति में कानूनी नियम-कायदे भी बताए। जिला उद्योग व्यापार केन्द्र के महाप्रबंधक आरके सिंह व पूर्व महाप्रबंधक एपी सिंह, जिला उद्योग संघ के सचिव मनविंदर ओवेराय, ललित महेश्वरी, केशव बंसल, योगेश ताम्रमार, जय ताम्रकार, केजी गुप्ता, विकास पटेल, डब्बू चमडिय़ा व अन्य सदस्य मौजूद रहे। उद्योग संघ के सहसचिव नितेश बड़ेरिया ने आभार जताया।

Sajal Gupta
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