MP पुलिस की मर गई संवेदना: पुलिस वाहन में नहीं बैठाया तो मृत बच्चे को सीने से लगाए पैदल मर्चुरी पहुंची मां

MP पुलिस की मर गई संवेदना: पुलिस वाहन में नहीं बैठाया तो मृत बच्चे को सीने से लगाए पैदल मर्चुरी पहुंची मां

Suresh Kumar Mishra | Publish: Sep, 10 2018 11:59:41 AM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

मानवता शर्मसार: रात में स्टेशन से गायब हुआ ढाई साल का मासूम सुबह नाले में मृत मिला

सतना। जिले की पुलिस का असंवेदनशील चेहरा देखने को मिला है। रविवार को एक मासूम का शव नाले में मिला। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची। इस दौरान जब पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को मर्चुरी भेजने का समय आया तो शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। लिहाजा, पुलिसकर्मियों ने पीडि़त मां को ही आदेश दिया कि वह शव को लेकर मर्चुरी पहुंचे। इस आदेश के बाद मां मृत बच्चे को गोद में लेकर पैदल मर्चुरी पहुंची। वहीं पुलिसकर्मी बकायदा वाहन पर सवार होकर मर्चुरी तक पहुंचे। यह पूरा मामला रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है।

ये है मामला
बताया गया, मानिकपुर निवासी कमलेश बसोर अपने ढाई साल के बच्चे विजय को लेकर अन्य महिलाओं के साथ स्टेशन पर सोई थी। शनिवार की रात में बच्चा गायब हो गया। जब कमलेश की नींद खुली तो खोजना शुरू किया। रविवार सुबह बच्चे का शव स्टेशन से करीब आधा किमी दूर इंदिरा कन्या महाविद्यालय के सामने नाली में पड़ा मिला। सूचना पर सिटी कोतवाली टीआइ विद्याधर पाण्डेय अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस का आदेश, शव लेकर मर्चुरी पहुंचे
शुरुआती पूछताछ के बाद शव को पोस्ट मार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी भेजना था पर शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मां कमलेश को आदेश दिया कि शव लेकर मर्चुरी पहुंचे। वहां पीएम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। बताया गया कि सिटी कोतवाली पुलिस केस डायरी जीआरपी को भेजेगी, ताकि यह जांच की जा सके कि ढाई साल का बच्चा प्लेटफार्म से इंदिरा कॉलेज तक कैसे पहुंचा? हत्या है या फिर हादसा।

आरपीएफ पहुंची थी महिला
पुलिस का कहना है, रात पौने 12 बजे तक बच्चा मां के साथ ही था। करीब पौने एक बजे कमलेश की नींद खुली, तो ढाई साल का विजय बसोर गायब था। साथ आए लोगों के साथ कमलेश भटकती हुई रेल सुरक्षा बल पोस्ट पहुंची। वहां कुछ जवानों ने आसपास तलाश की। जब बच्चा नहीं मिला, तो परिजनों को कह दिया कि स्वयं के स्तर पर खोजें और फिर अपना पल्ला झाड़ लिया।

कैसे पहुंचा कॉलेज तक?
मामले में अहम बात तो यह है कि स्टेशन के प्लेटफार्म से इंदिरा कन्या महाविद्यालय तक आखिर विजय पहुंचा कैसे? सभी इस बात को लेकर हैरत में हैं। संदेह है कि किसी ने अपराध की नियत से विजय को सोते वक्त उठाया था। अब जीआरपी इसी बात का पता लगाएगी कि आखिर बच्चा गायब कैसे हुआ? अगर उसकी हत्या की गई है तो किसने और क्यों की है? हालांकि अब जांच की जा रही है।

पानी में डूबने से मौत
पोस्टमार्टम के बाद प्राथमिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बच्चे के शरीर पर कोई घाव या चोट के निशान नहीं हैं। पानी में डूबने से उसकी मृत्यु हुई है। विजय के अलावा कमलेश की एक बेटी है, जो विजय से बड़ी है और विजय से छोटा एक और बच्चा है। पीएम के बाद शव कमलेश के सुपुर्द कर दिया गया है।

इधर, पोस्टमार्टम के बाद बाइक पर शव ले गए परिजन
इधर, पोस्टमार्टम के बाद बाइक पर शव ले जाने का मामला सामने आया है। दरअसल, रामनगर के गोरहाई पगरा में रहने वाले एक बालक की रविवार को पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने मोटर साइकिल पर शव रखा और घर को चल दिए। यह देख आसपास के लोग हैरत में पड़ गए।

तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी

सूत्रों के अनुसार, गोरहाई पगरा निवासी उद्यम बुनकर के पुत्र सुनील बुनकर (15) की गांव के पास ही तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच कार्रवाई शुरू करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीएम के बाद परिजनों ने शव बाइक पर रखा और घर को चल दिए।

किराया साढ़े तीन सौ रुपए

इसकी वजह जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि शव वाहन उपलब्ध था। उसका किराया साढ़े तीन सौ रुपए जमा करने के बाद 6 रुपए प्रति किमी लगता है। इसी रकम को बचाने के लिए परिजन शव मोटरसाइकिल पर लेकर गए हैं। जबकि पीएम के वक्त मौजूद लोगों ने वाहन मंगाने की बात मृतक के परिजनों से कही थी। लेकिन आर्थिक हालात के कारण किराए पर शव वाहन नहीं लिया गया।

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