शंकर पर हो सकती है शिव की कृपा, इसलिए बनाए जा सकते है मंत्री

suresh mishra

Publish: Sep, 17 2017 05:13:48 (IST)

Satna, Madhya Pradesh, India
शंकर पर हो सकती है शिव की कृपा, इसलिए बनाए जा सकते है मंत्री

शंकरलाल तिवारी (Shankarlal Tiwari) का जन्म 8 अप्रैल 1953 को सतना जिले के चकदही गांव में हुआ था। छात्र जीवन से ही शंकरलाल तिवारी संघ से जुड़ गए थे।

सतना। शंकरलाल तिवारी (Shankarlal Tiwari) का जन्म 8 अप्रैल 1953 को सतना जिले के चकदही गांव में हुआ था। छात्र जीवन से ही शंकरलाल तिवारी संघ से जुड़ गए थे। 1975 में इमरजेंसी के दौरान जेल भेज दिया गया। मीसाबंदी के रूप में सतना, रीवा तथा टीकमगढ़ की जेल में करीब 18 महीने तक वक्त गुजारा।

फिर भी शंकरलाल तिवारी ने हार नहीं मानी। पहले संघ फिर जनता पार्टी में सक्रिय रहे। भाजपा पार्टी बनने के बाद जिला महामंत्री और युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर कार्य किया। तिवारी ने कुछ समय के लिए पत्रकारिता में भी हाथ आजमाया। और, बेधड़क भारत के नाम से साप्ताहिक अखबार का प्रकाशन किया।

1998 से बदली तकदीर
भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के बाद जब शंकरलाल तिवारी को 1998 में भाजपा ने टिकट नहीं दी तो कार्यकर्ताओं ने शंकरलाल तिवारी को निर्दलीय चुनाव लड़ा दिया। चुनाव परिणाम आया तो शंकरलाल ने 31 हजार वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। कांग्रेस से सईद अहमद के पक्ष नतीजे आए लेकिन भाजपा के मांगेराम गुप्ता की जमानत तक जब्त हो गई।

साध्वी ने दिया बाबा का साथ
वर्ष 2003 में प्रदेश में उमा भारती के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया तो उन्होंने तिवारी साथ देते हुए विधानसभा तक पहुंचाया। कारण उमा तिवारी की राजनैतिक कार्यशैली से प्रभावित थीं। इसके बाद से सतना की जनता ने तिवारी को सर आखों से बिठाया है। लगातार तीन बार सतना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर हैट्रिक लगा चुके है। बेबाकी के लिए शंकर को विधानसभा में भी महत्व दिया जाता है।

इन पदों पर किया कार्य
शंकरलाल तिवारी आम जनता के बीच सहज कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते है। वे विधायक के साथ झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ट के प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मीसाबंदी संघ के वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष और संभागीय प्रभारी भी है। वर्तमान में विधानसभा के याचिका समिति में सभापति और लोक लेखा समिति के सदस्य भी है।

ऐसा है विधायक का परिवार
सतना विधायक शंकरलाल तिवारी के पिता का नाम स्व. रामप्रताप तिवारी एवं माता का नाम स्व.रामसखी तिवारी था। शंकरलाल तिवारी की पत्नी का नाम सुषमा तिवारी है। तीन पुत्र व एक पुत्री में राजनारायण तिवारी, आशीष तिवारी एवं पुनीत तिवारी तथा बेटी का नाम विजयश्री चतुर्वेदी है। शहर के सुभाष चौक के पास पुस्तैनी मकान है। वर्तमान में बड़ा बेटा राजनाराण भाजपा में जिला महामंत्री है। वहीं दोनों बेटे एक निजी कंपनी और दूसरा विद्युत कंपनी में अधिकारी है।

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