मां-बेटों के साथ छह को आजीवन कारावास, 78 हजार जुर्माना भी

मां-बेटों के साथ छह को आजीवन कारावास, 78 हजार जुर्माना भी

By: Bajrangi rathore

Published: 07 Mar 2020, 06:42 PM IST

सतना। मप्र के सतना जिले में लाठी-डंडों से हमला कर हत्या करने वाले मां-बेटों समेत छह अभियुक्तों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश नागौद बीडी राठौर की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपियों को 78600 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया।

अभियोजन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विनोद प्रताप सिंह ने पैरवी की। अभियोजन प्रवक्ता हरिकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि फरियादी उपेंद्र कुशवाहा ने पुलिस थाना में 2 जून 16 को शिकायत दर्ज कराई कि दो माह पहले उसने उदल से टेंट का पैसा मांगा था। इसको लेकर उसने विवाद किया था।

विवाद के बाद वह अपने घर के दरवाजे पर बैठा हुआ था। तभी रामबहादुर, अरुण और रंजीत कुशवाह पहुंचे और फिर से विवाद करने लगे। इससे वह अपने भाई रमेश और पिता मिठाई लाल को मौके पर बुलाया। दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद चल ही रहा था कि उदल, अनिल और मलखे लाठी, डंडा लेकर पहुंचे।

उससे और पिता के साथ मारपीट करने लगे। औचक हमले से घबराकर सभी लोग जान बचाकर घर में अंदर जाकर छिप गए और दरवाजा लगा लिया। तब उदल, अनिल, मलखे, रामबहादुर, अरुण, रंजीत कुल्हाड़ी से दरवाजा फाडऩे लगे। उसके पिता मिठाई लाल को घर से बाहर निकालकर लाठी, डंडा से मारपीट शुरू कर दी।

उदल की पत्नी, मां और बहन छत के ऊपर से पत्थर से हमला कर दिया। विवाद की आवाज सुनकर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। तब सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से चले गए।

गांव वालों ने पहुंचाया था अस्पताल

गांववालों ने हमले में घायल पिता, दादी और भाई को अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान मिठाई लाल ने दम तोड़ दिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 302 का इजाफा कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच पूरी होने के बाद सभी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। अदालत ने विचारण के दौरान छह आरोपियों के खिलाफ अपराध प्रमाणित होना पाया।

अदालत ने अभियुक्त रामबहादुर पिता रामसखा कुशवाहा, मलखे पिता सियाशरण कुशवाहा, रंजीत पिता रामाश्रय कुशवाहा, उदल पिता सियाशरण कुशवाहा, लीलावती कुशवाहा पति सियाशरण कुशवाहा, शीला कुशवाहा पत्नी उदल कुशवाहा सभी निवासी ग्राम गुनहर थाना नागौद को 302 के तहत आजीवन कारावास, दस-दस हजार जुर्माना, 325 के तहत दो साल की सजा, दो-दो हजार जुर्माना, 323 के तहत छह माह की सजा दो-दो सौ रुपए जुर्माना, 323 के तहत छह माह की सजा, दो-दो सौ रुपए जुर्माना, 147 के तहत छह माह की सजा, पांच-पांच सौ रुपए जुर्माना लगाया।

Bajrangi rathore Desk
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