MP में एक और फर्जीवाड़ा, 50 हजार डुप्लीकेट खातों में भेजी जा रही गरीबों की पेंशन

बैतूल के 110 हितग्राहियों की पेंशन एक खाते में, सतना में भी 400 से ज्यादा संदिग्ध खाते

By: Sonelal kushwaha

Published: 05 Apr 2018, 04:50 PM IST

रमाशंकर शर्मा @ सतना. सहकारिता फर्जीवाड़े की आंच ठंडी नहीं पड़ी थी कि प्रदेश पेंशन फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक डुप्लीकेट खातों से एक से अधिक पेंशनधारियों को पेंशन लाभ देने का मामला सामने आया है। बैतूल जिले में तो 110 हितग्राहियों की पेंशन राशि एक ही खाते में जमा होने की जानकारी मिली है। सतना जिले में संदिग्ध खातों की संख्या 400 से ज्यादा है। जिले में एक खाते में सर्वाधिक ७ हितग्राहियों की पेंशन राशि जमा होने की जानकारी मिली है। चौंकाने वाला तथ्य ये है कि पेंशन हितग्राहियों के खाता नंबर सत्यापन और फर्जी खाते डिलीट करने के निर्देश शासन स्तर से लगातार आते रहे, लेकिन जिम्मेदार अमले ने कार्रवाई नहीं की। ऐसे में स्पष्ट है कि फर्जीवाड़ा जिम्मेदारों के संज्ञान में है।

पेंशन पोर्टल पर जनपद पंचायत व नगरीय निकायों द्वारा स्वीकृत पेंशन हितग्राहियों के डेटाबेस विश्लेषण से यह चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पोर्टल पर 50746 ऐसे बचत खाते सामने आए हैं जिनमें एक से अधिक पेंशन हितग्राहियों की पेंशन का भुगतान हो रहा है। इसमें आशंका जताई जा रही है कि फर्जी खाते खोले जाकर अपात्र लोगों की पेंशन का भुगतान इन खातों में लिया जाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है। स्थिति तो यहां तक सामने आई है कि एक ही खाते में 110 पेंशन हितग्राहियों की पेंशन पहुंचना पाया जा रहा है। इसके अलावा यह भी पाया गया है कि एक ही परिवार में एक से अधिक पेंशन हितग्राहियों को एक ही बचत खातें में पेंशन का भुगतान हो रहा है।

हितग्राही एक कई समग्र आईडी
पेंशन फर्जीवाड़े के लिए समग्र योजना से भी खिलवाड़ किया गया है। एक ही हितग्राही की एक से अधिक समग्र आईडी बनाई गई है। इससे उस हितग्राही को दो पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जबकि शासन के नियमानुसार किसी भी हितग्राही को एक ही पेंशन का प्रावधान है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
बैतूल जिले की चिचोली जनपद के खाता नंबर 10900352218 में 110 हितग्राहियों की पेंशन जमा हो रही है। इसी तरह खरगोन जनपद में एक ही खाता नंबर में 28 हितग्राहियों को पेंशन दी जा रही है। अलीराजपुर की उदयगढ़ पंचायत के एक खाते में 26 हितग्राहियों की पेंशन का भुगतान हो रहा है। प्रदेश का कोई भी ऐसा जिला नहीं है जहां फर्जीवाड़ा न हो।

अलग-अलग निकायों में एक खाता
फर्जीवाड़ा यहीं नहीं थमा, कई हितग्राहियों के खाते ऐसे भी पाए गए हैं जो अलग-अलग जनपद पंचायतों व नगरीय निकाय में दर्ज हैं और दोनों स्थानों से पेंशन का लाभ ले रहे हैं। यह बता रहा है कि सत्यापन को लेकर कोई गंभीरता नहीं बरती गई। कुछ हितग्राहियों के बचत खातों को एक ही बचत खाता नंबर से बदलकर पेंशन का भुगतान किया गया है।

इसलिए बनी स्थिति
फर्जीवाड़े के पीछे जानकारी सामने आ रही है कि जनपद और नगरीय निकायों में पेंशन स्वीकृति व बचत खाता नंबर अपडेशन के कार्य में व्यापक पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब शासन स्तर से जनपद और नगरीय निकायों को कई बार निर्देश दिए गये हैं कि पेंशन पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का दस्तावेज के आधार भौतिक सत्यापन उपरांत पेंशन स्वीकृति या अस्वीकृति की कार्रवाई संबंधित पदाभिहित अधिकारी द्वारा की जाए साथ ही बैंक व पोस्ट ऑफिस की पासबुक के आधार पर बचत खाता नम्बर की जानकारी को पोर्टल पर अपडेट किया जाए।

चेक करवाया जाएगा
हमारे द्वारा लगातार खाता सत्यापन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जाते रहे हैं। इसके बाद भी अगर ऐसा हो रहा है तो इसे चेक करवाया जाएगा। अगर किसी के द्वारा जानबूझ कर ऐसा किया गया है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी और डुप्लीकेट खाते डिलीट करवाए जाएंगे।
मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर

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